India-EU Summit: व्यापार और रक्षा क्षेत्र में समझौतों की तैयारी
नई दिल्ली । डेस्क: भारत और यूरोपीय संघ के बीच मंगलवार को होने जा रहे शिखर सम्मेलन में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA), रणनीतिक रक्षा समझौते और मोबिलिटी फ्रेमवर्क पर महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा होने की संभावना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे.
गौरतलब है कि दोनों यूरोपीय नेता रविवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वाशिंगटन की व्यापारिक नीतियों में बदलाव के बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे के साथ गहरे आर्थिक और सुरक्षा संबंधों की तलाश में हैं.
शिखर सम्मेलन का मुख्य आकर्षण 2007 से लंबित मुक्त व्यापार समझौते पर प्रगति होगी, जिसे 2013 में रोक दिया गया था और 2022 में फिर से शुरू किया गया.
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे "ऐतिहासिक व्यापार समझौता" करार देते हुए कहा कि यह लगभग दो अरब लोगों का एक साझा बाजार तैयार कर सकता है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक चौथाई हिस्सा है.
व्यापार के साथ-साथ दोनों पक्ष एक सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी मुहर लगाएंगे, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय संघ के 150 अरब यूरो के 'सेफ' (SAFE) कार्यक्रम में भाग लेने का रास्ता साफ होगा.
इसके अलावा, भारतीय श्रमिकों के लिए यूरोप में प्रवास और रोजगार के अवसरों को सुगम बनाने हेतु एक मोबिलिटी फ्रेमवर्क और सूचना सुरक्षा समझौते (SOIA) पर भी बातचीत शुरू होने की उम्मीद है. इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे ज्वलंत वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी.