भारत एक चौराहे पर: हमारा फैसला ही तय करेगा भविष्य– कमल हासन
नई दिल्ली । डेस्क: शनिवार, 14 मार्च 2026 को पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की पुस्तक 'इंडिया एंड हर फ्यूचर्स' के विमोचन के अवसर पर अभिनेता और सांसद कमल हासन ने देश की वर्तमान स्थिति पर अपनी बेबाक राय साझा की. राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में हासन ने कहा कि भारत आज एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर है जहाँ हमें यह तय करना होगा कि हम विभाजन की राजनीति करने वाले देशों की कतार में शामिल होना चाहते हैं या उस नैतिक और असाधारण कल्पना के साथ खड़े रहना चाहते हैं जिसने भारत का निर्माण किया था.
उन्होंने दुनिया भर में बढ़ती दक्षिणपंथी विचारधारा पर चिंता जताते हुए कहा कि आज हम जो दिशा चुनेंगे, वही आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे राष्ट्र के चरित्र को निर्धारित करेगी.
कमल हासन ने महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी द्वारा गढ़े गए शब्द 'हैट्रियॉटिज्म' (नफरत वाली देशभक्ति) का जिक्र करते हुए कहा कि यह विचार डर और बहिष्कार पर आधारित है, जो न केवल हमारे गर्व को बल्कि पूरे राष्ट्र को कमजोर करता है.
उन्होंने इस पुस्तक को मौजूदा भ्रम की स्थिति में एक 'साइनपोस्ट' और मार्गदर्शक बताया.
वहीं, गोपालकृष्ण गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया इस समय 'हम और वे' के बीच बंटे एक अभूतपूर्व युद्ध के दौर से गुजर रही है, जिसका असर भारत के आम जनजीवन पर भी दिख रहा है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का इतिहास इसकी बहुलता में है और यही बहुलता इसके भविष्य की कुंजी है. कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और प्रसार भारती की पूर्व अध्यक्ष मृणाल पांडे ने भी शिरकत की, जहाँ केरल की बहुलवादी संस्कृति और वैश्विक प्रवास के महत्व पर चर्चा की गई.