रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

अंतरिक्ष से वीडियो कॉल कैसे होता है?

अंतरिक्ष से कैसे वीडियो काल होता है?

C

CG Khabar

08 जुल. 2025, 07:31 AM 2 मिनट में पढ़ें 4

शुभांशु  शुक्ला
शुभांशु शुक्ला

नई दिल्ली । डेस्क: 25 जून को फ्लोरिडा के नासा कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण के बाद, शुक्ला ने अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार होकर लगभग 28 घंटे की यात्रा पूरी की. 


इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल के जरिये बातचीत भी की. लेकिन सवाल यह है कि अंतरिक्ष में कोई मोबाइल टावर या नेटवर्क नहीं होता, फिर अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से संपर्क कैसे करते हैं?

विज्ञापन


हम सभी जानते हैं कि ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जिसे यात्रा करने के लिए हवा या पानी जैसे माध्यम की आवश्यकता होती है. अंतरिक्ष में हवा का अभाव होने के कारण पारंपरिक संचार असंभव है. चूंकि ध्वनि तरंगें काम नहीं करतीं, इसलिए अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से संपर्क के लिए रेडियो तरंगों पर निर्भर रहते हैं.


रेडियो तरंगें एक प्रकार का विद्युत चुम्बकीय विकिरण हैं, जिन्हें यात्रा करने के लिए किसी माध्यम की जरूरत नहीं पड़ती. अंतरिक्ष यात्री अपने हेलमेट में लगे माइक्रोफोन और ट्रांसमीटर का उपयोग करते हैं, जो उनकी आवाज को रेडियो सिग्नल में बदल देते हैं. 


ये सिग्नल उपग्रह एंटीना के माध्यम से पृथ्वी पर भेजे जाते हैं. पृथ्वी पर मौजूद ग्राउंड स्टेशन इन तरंगों को पुनः ऑडियो में परिवर्तित करते हैं.


नासा का स्पेस कम्युनिकेशंस एंड नेविगेशन (SCaN) सिस्टम अंतरिक्ष यानों के साथ निर्बाध संचार सुनिश्चित करता है. यह नेटवर्क बड़े और रणनीतिक रूप से स्थापित एंटीना का उपयोग करता है. 


अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पृथ्वी के साथ संचार के लिये रिले उपग्रहों का सहारा लेता है. ये उपग्रह पृथ्वी की उच्च कक्षा में चक्कर लगाते हैं और मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं. अंतरिक्ष यात्रियों से प्राप्त सिग्नल को ग्रहण कर वे इन्हें पृथ्वी के स्टेशनों तक पहुंचाते हैं. 


चाहे वह आवाज संदेश हो, वीडियो कॉल हो, या तस्वीरें, सभी के लिये यही प्रक्रिया अपनाई जाती है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP