दुर्ग: अवैध बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर डिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बिना वैध दस्तावेजों के रह रही बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से डिपोर्ट कर दिया गया है. पुलिस अब फर्जी तरीके से बनवाए गए भारतीय पहचान पत्रों को निरस्त कराने में जुटी है.
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग जिले में अवैध रूप से निवास कर रही बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को सुरक्षा बलों की मदद से देश से बाहर भेज दिया गया है. 23 अक्टूबर 2026 को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की टीम ने निष्कासन की इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. पुलिस प्रशासन द्वारा बाहरी व विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे निरंतर अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है.
इस पूरे डिपोर्टेशन ऑपरेशन के दौरान विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय देखा गया. दुर्ग पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद एसटीएफ दल को पश्चिम बंगाल भेजा गया था, जहां केंद्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के साथ मिलकर महिला को वापस उसके देश भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई.
डिपोर्टेशन के साथ ही पुलिस ने महिला के पास से बरामद संदिग्ध भारतीय पहचान पत्रों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. रीना अख्तर द्वारा अवैध तरीके से हासिल किए गए आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य शासकीय दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है.
इन फर्जी कागजातों को नियमानुसार निरस्त कराने की कार्यवाही चल रही है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके. विभागों की जांच रिपोर्ट और अंतिम निर्णय के बाद ही इन दस्तावेजों के निरस्तीकरण की स्थिति स्पष्ट होगी.