छत्तीसगढ़: स्मृति ईरानी की अगुवाई में मंत्रियों के कामकाज और 36 हारी सीटों की समीक्षा
2028 के चुनावी मिशन में जुटी भाजपा! छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान स्मृति ईरानी मंत्रियों के प्रदर्शन का करेंगी हिसाब-किताब और हारी सीटों पर बूथ मजबूत करने का तैयार होगा रोडमैप.
रायपुर । संवाददाता: भारतीय जनता पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान 25 और 26 अक्तूबर को बैठकों के मैराथन दौर का नेतृत्व करेंगे. इस दौरान कुल 12 उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी, जिनका मुख्य उद्देश्य सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए ठोस धरातल तैयार करना है.
इस दौरे का सबसे अहम पहलू 2023 के चुनाव में गंवाई गई 36 सीटों का सूक्ष्म विश्लेषण रहेगा. हालांकि पार्टी ने 90 में से 54 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी, लेकिन हारी हुई सीटों पर कमजोरी के कारणों को दूर करना अब प्राथमिकता बन चुका है.
स्मृति ईरानी सांसदों, विधायकों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ मंथन कर इन क्षेत्रों में बूथ समितियों और पन्ना प्रमुखों के पुनर्गठन की ठोस रणनीति सौंपेंगी. प्रत्याशी चयन, स्थानीय समीकरण और बूथ प्रबंधन की खामियों को दूर कर निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर रहेगा.
इसके साथ ही, राज्य सरकार के मंत्रियों की कार्यकुशलता और विभागीय प्रगति की सख्त जांच-परख की जाएगी. बैठकों में मंत्रियों को अपनी उपलब्धियों, लंबित विकास कार्यों, बजट उपयोग और 'मोदी की गारंटी' के तहत शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक रिपोर्ट पेश करनी होगी.
जिन परियोजनाओं की गति धीमी है, उनके लिए नई समय सीमा तय होगी. मंत्रियों का आकलन केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभार वाले जिलों में उनके दौरों, जनशिकायतों के निपटारे और कार्यकर्ताओं से उनके जुड़ाव को भी देखा जाएगा.
जिलाध्यक्षों, सांसदों और धरातलीय फीडबैक के जरिए मंत्रियों के दावों का सत्यापन किया जाएगा. प्रशासनिक तालमेल में कमी या सोशल मीडिया पर निष्क्रियता जैसे विषयों पर भी सीधी चर्चा होगी.
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू का यह प्रवास छत्तीसगढ़ भाजपा के भविष्य की कार्यप्रणाली और दिशा तय करने में बेहद निर्णायक माना जा रहा है.