पति को कमाने लायक नहीं छोड़ा तो पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं- HC
इलाहाबाद । डेस्क: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी के कृत्यों या चूक के कारण पति की कमाने की क्षमता खत्म हो जाती है, तो वह पति से गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं होगी. न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ल की पीठ ने कुशीनगर की एक महिला द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की.
मामले के अनुसार, महिला के पति, जो पेशे से होम्योपैथी डॉक्टर थे, को उनके ही साले और ससुर ने क्लिनिक में विवाद के दौरान गोली मार दी थी. इस हमले के कारण डॉक्टर के रीढ़ की हड्डी में छर्रा फंस गया, जिसे निकालना जोखिम भरा है, और वे अब बैठने या काम करने में पूरी तरह असमर्थ हैं.
कोर्ट ने कहा कि भारतीय समाज में पति से परिवार के भरण-पोषण की अपेक्षा की जाती है, लेकिन जब पत्नी के परिवार के आपराधिक कृत्यों ने ही पति की कमाई की क्षमता को नष्ट कर दिया हो, तो रखरखाव का आदेश देना पति के साथ घोर अन्याय होगा.
अदालत ने साफ किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी ही गलतियों या अपने पक्ष द्वारा पैदा की गई परिस्थितियों का लाभ उठाकर भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकता.