एनएचएम कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो नई भर्ती- जायसवाल
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों पर सरकार ने सख्ती बरते हुए अंतिम चेतावनी दी है. स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा है कि शुक्रवार शाम 5 बजे तक एनएचएम कर्मचारी किसी भी हाल में हड़ताल खत्म करें. नहीं तो सभी को एक साथ बर्खास्त कर दिया जाएगा. सोमवार से नई भर्ती शुरू कर दी जाएगी.
दरअसल, संविदा एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का आज 33वां दिन है. छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में कार्यरत एनएचएम कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं.
एक साथ एनएचएम कर्मचारी और अधिकारी के हड़ताल पर जाने से अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं ठप पड़ गई हैं. जिसे देखते हुए सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों को तत्काल काम पर लौटने के आदेश दिए थे. साथ ही अल्टीमेटम भी दिया गया था.
इसके बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो सरकार ने सबसे पहले 25 एनएचएम अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया था.
इस बर्खास्तगी की कार्रवाई से नाराज होकर प्रदेश भर के 16 हजार एनएचएम कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा था. उसके बाद भी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं.
इसके बाद सरकार ने कर्मचारियों को 16 सितंबर तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था. लेकिन जब वे काम पर वापस नहीं लौटे तो स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की.
सरकार ने 16 सितंबर को बलौदाबाजार और कोरबा में 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. इसके बाद 17 सितंबर को सूरजपुर जिले में 594 कर्मचारियों की सेवा खत्म कर दी.
अब शुक्रवार को एनएचएम स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर महत्वपूर्ण बयान दिया.
उन्होंने बताया कि कल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें हड़ताल को समाप्त करने पर सहमति बनी है. उम्मीद है कि आज सभी कर्मचारी अपने कार्यों पर लौट आएंगे.
उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी हमारे राज्य का हिस्सा हैं. सभी कर्मचारी काम पर लौटें. 4 मांगों को हमने माना है, 3 मांगों पर कमेटी बनाई है. तीन मांगों को उच्च स्तरीय बातचीत पर छोड़ा गया है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिन लोगों को बर्खास्त किया गया है उनकी बहाली पर भी विचार हुआ है. जिन लोगों को एक माह का नोटिस मिला है अगर वे काम पर आते हैं तो उनका नोटिस भी रद्द हो जाएगा. ग्रेड पे के लिए तीन महीने में परीक्षण कराया जाएगा और यदि कर्मचारी हित में हुआ तो इसे लागू भी किया जाएगा.
स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी भी दी है कि अगर आज शाम तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटते तो नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पिछले एक महीने से कर्मचारी हड़ताल पर हैं. इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है.