IDBI Bank की बिक्री होगी
मुंबई । डेस्क: देश के एक और बड़े बैंक IDBI के मालिकाना हक में बदलाव होने जा रहा है. IDBI बैंक की रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया को जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि बैंक के लाखों ग्राहकों का क्या होगा?
सरकारी सूत्रों ने बताया कि IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री के लिये अंतर-मंत्रालय समूह से शेयर खरीद-बिक्री समझौते को मंजूरी मिल चुकी है. सितंबर के पहले सप्ताह से बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, दुबई की एमिरेट्स NBD बैंक इस दौड़ में सबसे आगे है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. सूत्रों का कहना है कि यह सौदा 40 से 50 हजार करोड़ रुपये में हो सकता है.
वर्तमान में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास IDBI बैंक की 95 फीसदी हिस्सेदारी है. इसमें से 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना है.
शेयर खरीदी समझौता (SPA) को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद बोली के लिये दस्तावेज जारी किये जायेंगे. बता दें कि शेयर खरीदी समझौता एक कानूनी दस्तावेज है, जिसमें शेयरों की खरीद-बिक्री की शर्तें निर्धारित की जाती हैं. इस प्रक्रिया की शुरुआत जनवरी 2024 से हो चुकी थी.
बैंक की हिस्सेदारी में बदलाव से ग्राहकों के खाते बंद नहीं होंगे. हालांकि, बैंक की नीतियों में बदलाव हो सकता है, जिसका असर ग्राहकों पर पड़ सकता है. इससे ग्राहकों को फायदा भी हो सकता है या नुकसान भी. उदाहरण के लिये, ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ग्राहकों की लागत बढ़ सकती है.