HRW बंगाली मुसलमानों के निष्कासन से चिंतित
नई दिल्ली । डेस्क: मानवाधिकार वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने भारत सरकार से बंगाली मुसलमानों, खासकर गरीब प्रवासी मजदूरों, के गैरकानूनी निष्कासन को तुरंत रोकने की मांग की है.
ह्यूमेन राइट्स वाच संगठन ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के मुसलमानों को हिरासत में लिया जा रहा है और उन्हें बांग्लादेश सीमा पर भेजा जा रहा है.
एचआरडब्ल्यू की एशिया निदेशक एलेन पीयरसन ने कहा, "भारत की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी बंगाली मुसलमानों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, को मनमाने ढंग से निष्कासित कर भेदभाव को बढ़ावा दे रही है."
ह्यूमेन राइट्स वाच ने असम, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों में मुसलमानों को निशाना बनाये जाने की खबरों का हवाला दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, मई से जून 2025 के बीच भारत ने लगभग 1,500 मुसलमानों, जिनमें 100 रोहिंग्या शरणार्थी भी शामिल हैं, को बांग्लादेश भेजा.
ह्यूमेन राइट्स वाच ने 18 लोगों से बातचीत के आधार पर दावा किया कि सीमा रक्षकों ने कुछ मामलों में हिरासत में लिये गये लोगों को धमकाया और मारपीट कर बांग्लादेश में प्रवेश करने के लिये मजबूर किया.
ह्यूमेन राइट्स वाच संगठन ने कहा कि बिना उचित प्रक्रिया के निष्कासन मानवाधिकारों का उल्लंघन है और भारत को अंतर्राष्ट्रीय संधियों के तहत सभी के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिये. ह्यूमेन राइट्स वाच ने गृह मंत्रालय को अपनी चिंताएं भेजीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
ह्यूमन राइट्स वॉच
ह्यूमन राइट्स वॉच (Human Rights Watch) एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है जो मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए काम करता है. यह संगठन मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों की जांच करता है, रिपोर्ट प्रकाशित करता है, और सरकारों, सशस्त्र समूहों, और अन्य प्रभावशाली लोगों पर मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिये दबाव डालता है. ह्यूमन राइट्स वॉच सरकारों से कोई अनुदान नहीं लेता है और पूरी तरह से निजी दान और नींवों से प्राप्त धन पर निर्भर है.