डोनाल्ड ट्रंप का एक साल दुनिया के लिये कैसा रहा?
सीजीखबर डेस्क: अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी को एक साल पूरा हो चुका है. 20 जनवरी 2025 को ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के नारे के साथ व्हाइट हाउस लौटे ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही साल में ऐसे फैसले लिए हैं, जिन्होंने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति को गहराई से प्रभावित किया है.
दूसरे कार्यकाल के पहले दिन ही ट्रंप ने 26 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर नया रिकॉर्ड बनाया. पूरे एक साल में उन्होंने कुल 228 कार्यकारी आदेश जारी किए, जो उनके पहले कार्यकाल (2017-2021) के चार वर्षों में जारी 220 आदेशों से भी अधिक हैं. कार्यकारी आदेशों की इस बाढ़ को लेकर आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने कई बार संवैधानिक सीमाओं का अतिक्रमण किया, जिसके चलते अनेक आदेश अदालतों में चुनौती का विषय बने.
आव्रजन नीति ट्रंप प्रशासन का सबसे आक्रामक मोर्चा रही. गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार, 10 दिसंबर तक कम से कम 6.05 लाख लोगों को जबरन निर्वासित किया गया, जबकि करीब 19 लाख लोगों ने “स्वैच्छिक आत्म-निर्वासन” किया. बीते एक साल में लगभग 16 लाख लोगों ने अपना कानूनी आव्रजन दर्जा खो दिया. इसके अलावा, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने 66,886 लोगों को हिरासत में लिया. हाल ही में ट्रंप ने 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेशन वीजा पर भी प्रतिबंध लगा दिया.
आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप का पसंदीदा हथियार टैरिफ रहा. मित्र देशों से लेकर विरोधियों तक, सभी पर औसतन 10 प्रतिशत टैरिफ लगाए गए. भारत पर सबसे अधिक 50 प्रतिशत टैरिफ थोपे गए. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, 2025 में टैरिफ से 287 अरब डॉलर की आमदनी हुई, लेकिन येल यूनिवर्सिटी के बजट लैब का अनुमान है कि इसकी कीमत अमेरिकी परिवारों को औसतन 1,500 डॉलर प्रतिवर्ष महंगाई के रूप में चुकानी पड़ी.
संघीय नौकरियों में कटौती के लिए एलन मस्क के नेतृत्व में बनाए गए ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) ने 10 महीनों में 3.17 लाख संघीय नौकरियां खत्म कर दीं. विविधता, समानता और समावेशन (DEI) से जुड़े सभी कार्यालय बंद कर दिए गए. शिक्षा विभाग को कमजोर किया गया और USAID को समाप्त कर विदेश मंत्रालय में विलय कर दिया गया.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप ने सऊदी अरब को पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा का गंतव्य चुना. अब तक वे 13 देशों की यात्रा कर चुके हैं. हालांकि शांति का वादा करने वाले ट्रंप प्रशासन ने सात देशों पर बमबारी की है. जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 658 हवाई और ड्रोन हमले दर्ज किए गए.
पर्यावरण के मोर्चे पर “ड्रिल, बेबी, ड्रिल” नीति के तहत 25 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को तेल-गैस ड्रिलिंग के लिए खोल दिया गया. ट्रंप ने पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलते हुए बाइडन काल की 30 से अधिक जलवायु नीतियों को पलट दिया.
एक साल में ट्रंप 2.0 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका दूसरा कार्यकाल पहले से कहीं अधिक आक्रामक, विवादास्पद और वैश्विक असर वाला साबित हो रहा है.