हांगकांग: विदेशी साजिश के आरोप में जिमी लाई को 20 साल जेल
नई दिल्ली । डेस्क: हांगकांग के प्रमुख मीडिया टायकून और लोकतंत्र समर्थक अखबार 'एप्पल डेली' के संस्थापक जिमी लाई को सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर आरोपों में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. 78 वर्षीय लाई को विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत की साजिश रचने और राजद्रोही सामग्री प्रकाशित करने का दोषी पाया गया.
अदालत ने उन्हें इन गतिविधियों का "मास्टरमाइंड" और मुख्य प्रेरक बल करार दिया, जिसके चलते उन्हें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सबसे सख्त सजा श्रेणी के तहत दंडित किया गया है.
लगभग पांच साल तक चली इस कानूनी प्रक्रिया को हांगकांग में प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. ब्रिटिश नागरिकता रखने वाले जिमी लाई ने खुद को एक "राजनीतिक कैदी" बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें बीजिंग के इशारे पर निशाना बनाया जा रहा है.
उनकी सजा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेताओं ने उनकी रिहाई की मांग की है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि लाई की उम्र और गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए 20 साल की यह सजा प्रभावी रूप से "मौत की सजा" के समान है.
अदालत के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिमी लाई के समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही, जिन्होंने उनकी रिहाई के लिए कई दिनों तक कतारों में इंतजार किया.
जहां एक ओर बीजिंग का दावा है कि कानून के तहत उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिया गया है, वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और प्रेस स्वतंत्रता समूहों का मानना है कि यह फैसला हांगकांग में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी के अंत का प्रतीक है.