हिमाचल की बाढ़ में बहे 15-20 मजदूर
नई दिल्ली । डेस्क: भारी बाढ़ से धर्मशाला में 15-20 मजदूरों के बह जाने की आशंका है. वहीं कसोल में बाढ़ में गाड़ियां माचिस के डिब्बों के समान बहती नज़र आ रही हैं. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जल प्रलय जैसी स्थिति उत्तपन्न हो गई है. कुल्लू में दो स्थानों पर बादल फटने की घटना हुई है.
पहाड़ी राज्यों में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से जान-माल की हानि हो रही है. उत्तराखंड के हल्दानी में कार नहर में गिर गई जिससे एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है.
हिमाचल में बाढ़ की वजह से धर्मशाला में 15-20 मजदूरों के बह जाने की आशंका है. दो शव बरामद कर लिये गये हैं. अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है.
धर्मशाला के विधायक ने फेसबुक पोस्ट शेयर कर इस हादसे की जानकारी दी. बताया गया कि धर्मशाला में अचानक आई पानी के तेज बहाव में 15-20 मजदूर बह गये. जिनकी अभी तक कोई सूचना नहीं मिल सकी है.
मिली जानकारी के अनुसार धर्मशाला के खनियारा इलाके के सोकणी दा कोट में इंदिरा प्रियदर्शनी हाइड्रल प्रोजेक्ट में काम करने वाले 15-20 मजदूर मनुणी खड्ड (नदी) में बह गये.
स्थानीय लोगों ने बताया कि मनुणी नदी सूखी ही रहती है, लेकिन तेज बारिश के कारण नदी में अचानक से बाढ़ आ गई. मजदूर नदी किनारे बने शेड में रह रहे थे. इसलिए बाढ़ की चपेट में आ गये.
कुल्लू जिले में भी 3 जगह सैंज घाटी के जीवा नाला, गढ़सा घाटी के शिलागढ़ और बंजार के होरनगढ़ में बादल फटा. जीवा नाला में बाप-बेटी समेत 3 लोग बह गये.
हिमाचल के कसोल से जल प्रलय का खौफनाक वीडियो सामने आया है. वीडियो में पानी के तेज बहाव में गाड़ियां माचिस की डिब्बी की तरह बहती नजर आ रही है.
कांगड़ा के DC हेमराज बैरवा ने बताया, "2 शव बरामद कर लिये गये हैं. SDRF, पुलिस, SDM और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर हैं. हम लापता लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए लोगों की गिनती कर रहे हैं. उसके बाद ही कहा जा सकता है कि कितने लोग घटना का शिकार हुए हैं... स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही है.