दिल्ली धमाके के बाद 'चिकन नेक' पर हाईलेवल बैठक
सिलीगुड़ी । डेस्क: भारत के लिए भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे लोकप्रिय रूप से 'चिकन'स नेक' कहा जाता है, की सुरक्षा को लेकर सिलीगुड़ी में एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक हुई है. इस बैठक को 'स्टेट सब्सिडियरी मल्टी एजेंसी सेंटर' (SMAC) का नाम दिया गया. हाल ही में दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की घटना के बाद इस बैठक का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस घटना में आतंकी संपर्क की आशंका सामने आई है.
इसके अलावा, बांग्लादेश में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी सीमा पर चौकसी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
शनिवार को सिलीगुड़ी स्थित इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कार्यालय में आयोजित इस 'स्मैक' बैठक में कई प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इसमें भारतीय सेना, वायुसेना, सीआईएसएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, सैन्य पुलिस, आर्मी इंटेलिजेंस, आरपीएफ, रेलवे पुलिस और राज्य पुलिस के खुफिया विभाग के उच्चाधिकारी शामिल थे. सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और एशियन हाईवे प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया.
बैठक के सूत्रों के अनुसार, 'चिकन'स नेक' की सुरक्षा को मजबूत करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी को बढ़ाने पर प्रमुखता से चर्चा हुई. पुलिस के एक वर्ग का कहना है कि यह एक नियमित बैठक थी, लेकिन मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए इसका महत्व काफी बढ़ गया है.
एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी निगरानी और सुरक्षा को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए. इस दौरान कई महत्वपूर्ण सड़कों, राजमार्गों के पुलों, रेलवे पुलों और न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.
गौरतलब है कि दिल्ली की घटना के बाद देश के सभी हवाई अड्डों पर सीआईएसएफ ने और न्यू जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, अलीपुरद्वार जैसे रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ और जीआरपी ने पहले ही निगरानी बढ़ा दी है. साथ ही, राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.