डेटा सेंटरों से निकलने वाली गर्मी बढ़ा रही है शहरों का तापमान
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका के सबसे गर्म शहरों में से एक, फीनिक्स में किए गए एक नए शोध ने पर्यावरणविदों और शहरी नियोजकों की चिंता बढ़ा दी है. एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के 'स्कूल ऑफ जियोग्राफिकल साइंसेज एंड अर्बन प्लानिंग' के निदेशक और प्रोफेसर डेविड सेलर के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के अनुसार, डेटा सेंटरों से निकलने वाली भारी-भरकम गर्मी (वेस्ट हीट) हवा के बहाव की दिशा में आने वाले इलाकों के तापमान को 4 डिग्री फारेनहाइट यानी लगभग 2.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा सकती है.
यह शोध 'जर्नल ऑफ इंजीनियरिंग फॉर सस्टेनेबल बिल्डिंग्स एंड सिटीज' में प्रकाशित हुआ है.
प्रोफेसर डेविड सेलर ने बताया कि एक अकेला डेटा सेंटर इतनी अधिक गर्मी पैदा कर सकता है जो अमेरिका के 40,000 घरों से निकलने वाली कुल गर्मी से भी ज्यादा होती है. इन सेंटरों में लगे एयर-कूल्ड कंडेनसर एरेज़ अपने आसपास के वातावरण की तुलना में 14 से 25 डिग्री फारेनहाइट (लगभग 8 से 14 डिग्री सेल्सियस) अधिक गर्म हवा बाहर फेंकते हैं.
यह गर्म हवा एक थर्मल प्लूम (गर्म हवा का गुबार) बनाती है, जो हवा के साथ बहकर पड़ोसी रिहायशी इलाकों तक पहुँचती है.
इस शोध की सबसे खास बात यह है कि शोधकर्ताओं ने पहली बार सैटेलाइट डेटा पर निर्भर रहने के बजाय जमीन पर उतरकर रियल-टाइम का डेटा जुटाया है. टीम ने गाड़ियों पर अत्यधिक सटीक और तेजी से काम करने वाले तापमान सेंसर लगाए. इन गाड़ियों ने 18 जून से 25 अक्टूबर 2025 के बीच फीनिक्स क्षेत्र के अलग-अलग डेटा सेंटरों और उनके आसपास के इलाकों का चक्कर लगाया.
इस दौरान मेसा में स्थित 36-मेगावाट के एकल-भवन डेटा सेंटर से लेकर चांडलर में स्थित 169-मेगावाट के विशाल कोलोकेशन कैंपस तक, कुल चार अलग-अलग सुविधाओं का अध्ययन किया गया.
जांच में सामने आया कि डेटा सेंटरों की बाहरी सीमाओं से 500 मीटर की दूरी तक गर्मी के प्रभाव को साफ तौर पर दर्ज किया गया. हवा के बहाव की दिशा वाले क्षेत्रों में औसत तापमान सामान्य से 0.7 से 0.9 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म पाया गया, जबकि अधिकतम वृद्धि 2.2 डिग्री सेल्सियस तक देखी गई.
प्रोफेसर सेलर के अनुसार, पहले से ही अत्यधिक गर्मी की मार झेल रहे शहरों में महज एक या दो डिग्री तापमान बढ़ना भी जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है. तापमान बढ़ने से लोग एयर कंडीशनर का अधिक इस्तेमाल करते हैं, जिससे बाहर का वातावरण और ज्यादा गर्म हो जाता है.