गुटखा किंग जुमनानी गिरफ्तार
दुर्ग | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के चर्चित सितार गुटखा फैक्ट्री के संचालक कारोबारी गुरमुख जुमनानी को राज्य जीएसटी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी कारोबारी काफी दिनों से फरार चल रहा था. इस दौरान उसने अपना कई बार ठिकाना बदला और जीएसटी टीम को चकमा देता रहा.
बुधवार को उसे राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया गया. राज्य जीएसटी कमिश्नर पुष्पेंद्र मीणा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है.
यह पूरा मामला गुटखा बिक्री और जीएसटी चोरी से जुड़ा हुआ है. जुमनानी पर करोड़ों रुपए के टैक्स चोरी का आरोप है.
28 जून को स्टेट जीएसटी की विशेष टीम ने दुर्ग के गनियारी स्थित सितार गुटखा फैक्ट्री और राजनांदगांव जिले के खमतराई गांव में एक साथ छापेमारी की थी.
उस दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में गुटखा बनाने का कच्चा माल, पैकिंग रैपर, तैयार स्टॉक और मशीनें जब्त की गई थीं. दोनों फैक्ट्री का मालिक गुरमुख जुमनानी है.
हालांकि उस समय जुमनानी मौके से फरार हो गया था. छापे के दौरान टैक्स चोरी का बड़ा राज खुला था.
जुमनानी द्वारा बिना बिल के कच्चा माल मंगाया जाता था. बिना बिलिंग के गुटखा की सप्लाई की जा रही थी. शुरुआती अनुमान में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की जीएसटी चोरी का पता चला है.
बार-बार बदलता था ठिकाना
राज्य जीएसटी की टीम जुमनानी के पूरी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थी. आखिरकार रायपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. टीम ने उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है.
जांच में पता चला है कि गुरमुख जुमनानी साल 2021 से सितार गुटखा का निर्माण कर रहा था. इस दौरान उसने कई बार अपना ठिकाना बदला.
अप्रैल 2021 से सितंबर 2022 तक उसने राजनांदगांव जिले के ग्राम मनकी और ठेल्काडीह जिला खैरागढ़ में फैक्ट्री संचालित किया.
इसके बाद जनवरी 2023 से जून 2023 तक मंदिरहसौद एवं भनपुरी जिला रायपुर में फैक्ट्री संचालित किया.
इस दौरान 31 मई 2023 को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंदिरहसौद में सितार एवं मानिकचंद गुटखा बनाने की फैक्ट्री पकड़ा था.
इसके बाद उसने जुलाई 2023 से मार्च 2024 में पोटिया थाना नंदिनी जिला दुर्ग में और मार्च 2024 से जून 2025 में बोईरडीह जोरातराई और गनियारी में सितार गुटखा फैक्ट्री का संचालन किया.
मध्यप्रदेश से बुलाता था मजदूर
जुमनानी मध्यप्रदेश से युवकों को लाकर यहां काम कराता था. हर तीन महीनों में मजदूरों को बदल देता था. इन्हें पूरी रात काम करना होता था तथा फैक्ट्री से बाहर निकलने की मनाही होती थी.
बताया गया कि गुरमुख जुमनानी के बेटे सागर जुमनानी के नाम से कोनारी जिला दुर्ग में कोमल फूड के नाम से सुपारी का गोदाम है.
इस सुपारी को गुटखा बनाकर बेचा जाता था. उसने जीएसटी विभाग को सुपारी का विक्रय करना दर्शाता था.
विभाग को जांच में पता चला है कि जुमनानी एक दिन में 25 लाख रुपये का गुटखा तैयार कर बेचता था. इसी आधार पर विभाग टैक्स चोरी की गणना कर रही है.
पहले भी जा चुका है जेल
गुरमुख जुमनानी इससे पहले भी नशे के कारोबार में शामिल होने और गैरकानूनी धंधों के आरोप में जेल जा चुका है. स्थानीय स्तर पर इसे गुटखा किंग के नाम से जाना जाता है.
अधिकारियों के अनुसार गुरमुख जुमनानी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की जा रही है. ताकि टैक्स चोरी और अवैध कारोबार की पूरी परतें खोली जा सकें.
जीएसटी विभाग अब अन्य संबद्ध कारोबारियों और सप्लाई चेन की भी जांच कर रहा है.