गुजराती छात्र की मोदी से गुहार: "रूस में फंसाकर जबरन युद्ध में झोंका जा रहा है"
नई दिल्ली । डेस्क: रूस में पढ़ाई करने गए गुजरात के एक भारतीय छात्र ने एक वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं को रूसी सेना में भर्ती न होने की कड़ी चेतावनी दी है. मोरबी जिले के रहने वाले साहिल मोहम्मद हुसैन ने दावा किया है कि उसे मादक पदार्थों (ड्रग्स) के झूठे मामले में फंसाकर जबरन रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया.
फिलहाल साहिल यूक्रेन की सेना की हिरासत में है और उसने भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की है.
साहिल के मुताबिक, वह जनवरी 2024 में स्टूडेंट वीजा पर रूस गया था, जहां अपना खर्च चलाने के लिए वह एक कूरियर कंपनी में अंशकालिक काम करने लगा. उसका आरोप है कि रूसी पुलिस ने उसके पार्सल में ड्रग्स प्लांट कर उसे गिरफ्तार कर लिया और फिर शर्त रखी कि यदि वह जेल से बचना चाहता है तो उसे रूसी सेना में शामिल होना होगा.
साहिल ने बताया कि उसके जैसे करीब 700 लोगों को इसी तरह के फर्जी मामलों में फंसाकर सैन्य सेवा के लिए मजबूर किया गया है. केवल 15 दिनों की ट्रेनिंग के बाद उसे फ्रंटलाइन पर भेज दिया गया, जहां पहुंचते ही उसने यूक्रेनी सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
इस मामले पर भारत सरकार भी सक्रिय है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने हाल ही में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने उठाया है और सरकार रूसी सेना में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित रिहाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
साहिल की मां ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने बेटे की वापसी की मांग की है, जिस पर फरवरी में सुनवाई होनी है. साहिल ने चेतावनी दी है कि रूस जाने वाले भारतीय युवा वहां सक्रिय जालसाजों से सावधान रहें, जो निर्दोष लोगों को आपराधिक मामलों में फंसाकर युद्ध में झोंक रहे हैं.