सोम, 19 अक्टू. 2026

CGKhabar

ग्रेटर नोएडा बना घातक 'मेथ' का नया केंद्र: महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई

C

CG Khabar

12 अग. 2026, 06:50 PM 4 मिनट में पढ़ें 3

Methamphetamine
Methamphetamine

नई दिल्ली । डेस्क: उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा क्षेत्र नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और आपूर्ति का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है. महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने स्थानीय पुलिस के साथ चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत अंतर्राज्यीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए ग्रेटर नोएडा में चल रही एक ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री को सील कर दिया है. 


इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 9.4 करोड़ रुपये मूल्य की घातक 'मेथामफेटामाइन' (Methamphetamine) ड्रग्स जब्त की गई है और तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है.

विज्ञापन


कार्रवाई की शुरुआत मुंबई के बांद्रा इलाके से हुई, जहां महाराष्ट्र ATS ने छापेमारी कर 2050 ग्राम मेथअमफेटामाइन बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस दौरान गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी (एक इज़राइली नागरिक) से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि वह यह नशे की खेप ग्रेटर नोएडा स्थित एक फैक्ट्री से मंगवाता था.


आरोपी से मिले इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र ATS की टीम ने उत्तर प्रदेश की स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्रेटर नोएडा स्थित संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की. मौके से पुलिस ने 2688 ग्राम मेथामफेटामाइन (अनुमानित कीमत 5.40 करोड़ रुपये) और भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री जब्त की.


अपर पुलिस महानिदेशक (ATS महाराष्ट्र) ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुंबई और ग्रेटर नोएडा दोनों स्थानों से कुल मिलाकर 4738 ग्राम (लगभग 4.7 किलोग्राम) मेथमफेटामाइन बरामद की गई है, जिसकी कुल कीमत 9.40 करोड़ रुपये है. 


इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने एक इज़राइली पुरुष और दो विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल सील की गई फैक्ट्री और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क के अन्य तारों को खंगाला जा रहा है.


गौरतलह है कि मेथामफेटामाइन (Methamphetamine), जिसे सामान्य भाषा में 'मेथ', 'क्रिस्टल मेथ' या 'आइस' भी कहा जाता है, एक अत्यंत शक्तिशाली, सिंथेटिक (कृत्रिम) और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को उत्तेजित करने वाली बेहद लत लगाने वाली नशीली दवा है. इसका सेवन मुख्य रूप से इसे धुएं के रूप में खींचकर (स्मोकिंग), पानी में घोलकर इंजेक्शन द्वारा शरीर में डालकर, नाक से सूंघकर (स्नॉर्टिंग) या फिर गोली के रूप में निगलकर किया जाता है. 


धुएं या इंजेक्शन के माध्यम से इसका सेवन करने पर मस्तिष्क में 'डोपामाइन' नामक रसायन का भारी मात्रा में रिसाव होता है, जिससे व्यक्ति को तुरंत और अत्यधिक तीव्रता से खुशी या 'हाई' का अनुभव होता है, जो इसकी तीव्र लत का मुख्य कारण बनता है.


अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अवैध बाजारों में मेथामफेटामाइन की कीमत इसकी शुद्धता, आपूर्ति और स्थान के आधार पर भिन्न होती है. भारत में अवैध रूप से बेचे जाने वाले मेथ की कीमत आमतौर पर लगभग 1,500 से 2,500 रुपये प्रति ग्राम होती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर या उच्च-गुणवत्ता (क्रिस्टल रूप) की जब्ती के दौरान इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम (अर्थात लगभग 10,000 से 20,000 रुपये प्रति ग्राम) तक आंकी जाती है.


यह नशा शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद खतरनाक है. इसके सेवन से हृदय गति और रक्तचाप खतरनाक स्तर तक बढ़ जाते हैं, शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है (हाइपरथर्मिया), और अनिद्रा, हिंसक व्यवहार, मतिभ्रम (हैलुसिनेशन) तथा गंभीर मानसिक भ्रम (पैरानोइया) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं. 


इसके लगातार उपयोग से दांत पूरी तरह सड़ जाते हैं जिसे 'मेथ माउथ' कहा जाता है, त्वचा में गंभीर संक्रमण हो जाता है, और मस्तिष्क की संरचना व कार्यप्रणाली को स्थायी नुकसान पहुंचता है.


मेथामफेटामाइन के ओवरडोज से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. ओवरडोज की स्थिति में शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है, जिससे अंग काम करना बंद कर देते हैं. इसके अलावा, अत्यधिक खुराक के कारण दिल का दौरा, स्ट्रोक, मस्तिष्क में रक्तस्राव, या मिर्गी जैसे दौरे पड़ने से मौके पर ही व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP