सोम, 19 अक्टू. 2026

CGKhabar

GPM: 19 अवैध क्लीनिक और पैथोलैब सील

C

CG Khabar

20 जून 2026, 03:22 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

GPM
GPM

पेंड्रा । संवाददाता: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मरीजों की सेहत और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी चिकित्सा केंद्रों पर प्रशासन ने अपना हंटर चलाया है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र में एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया. 


इस कार्रवाई के दौरान गंभीर खामियां और अनियमितताएं मिलने पर तत्काल प्रभाव से 19 अवैध क्लीनिकों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और पैथोलॉजी लैबों को सील कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी.

विज्ञापन


प्रशासन की इस औचक जांच में बेहद चौंकाने वाली लापरवाहियां उजागर हुईं. एक चिकित्सा केंद्र में तो डॉक्टर की गैर-मौजूदगी में एक पूरी तरह से अयोग्य और अप्रशिक्षित व्यक्ति मरीजों का इलाज करता हुआ रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसे अधिकारियों ने मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ माना. 


इसके अलावा, कई संस्थानों के पास न तो संचालन के लिए वैध लाइसेंस थे और न ही उनके पास बायो-मेडिकल वेस्ट (चिकित्सीय कचरा) के सुरक्षित निपटान से जुड़े जरूरी दस्तावेज और पुख्ता व्यवस्थाएं मौजूद थीं.


सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी में अस्पतालों के भीतर आग से बचाव के इंतजाम भी नदारद मिले, क्योंकि अधिकांश केंद्रों के पास अनिवार्य फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट तक नहीं था. वहीं, कुछ डिजिटल एक्सरे और डायग्नोस्टिक सेंटरों में रेडिएशन सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, जो वहां आने वाले मरीजों के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है.


इस व्यापक कार्रवाई की जद में आए प्रमुख संस्थानों में तिवारी पैथोलैब, राठौर पैथोलैब, गोडवाना पैथोलैब, श्री राम डिजिटल एक्सरे, माँ अम्बे पैथोलैब, माँ अम्बे क्लीनिक, पोद्दार क्लीनिक, मारुति दंत चिकित्सालय, श्री राम दंत चिकित्सालय, श्री राम पैथोलॉजी, सिम्मी पैथोलॉजी, प्रखर होम्योपैथिक क्लीनिक, श्री राम क्लीनिक, श्री राम डेंटल व वेल केयर क्लीनिक, धनवंतरी आयुष क्लीनिक, न्यू ओम पैथोलॉजी, लीला क्लीनिक और आदर्श पैथोलॉजी समेत कुल 19 सेंटर शामिल हैं, जिन पर तालाबंदी की गई है.


इस सख्त कदम के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. 


प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और आम जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. 


सभी निजी केंद्रों को नियमानुसार योग्य डॉक्टर व स्टाफ रखने, फायर एनओसी और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सभी कानूनी औपचारिकताएं व जरूरी दस्तावेज दुरुस्त रखने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा भविष्य में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई भुगतनी होगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP