सरकार की सख्ती से 10-मिनट डिलीवरी के दावों पर रोक
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार की सख्ती के बाद देश में क्विक-कॉमर्स का चेहरा बदलने वाला है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में ब्लिंकिट, जेप्टो, जोमैटो और स्विगी जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें '10-मिनट डिलीवरी' के दावों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है.
सरकार का मानना है कि डिलीवरी के लिए तय की गई यह बेहद कम समय सीमा न केवल गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे सड़क पर दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ता है.
श्रम मंत्रालय के इस निर्देश का असर भी दिखना शुरू हो गया है.
दिग्गज डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट (Blinkit) ने अपनी टैगलाइन "10 मिनट में डिलीवरी" को बदलकर अब "आपके दरवाजे पर डिलीवरी" कर दिया है.
अन्य कंपनियां भी जल्द ही अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से समय-सीमा से जुड़े वादों को हटाने की तैयारी में हैं.
कंपनियों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि वे अब डिलीवरी पार्टनर्स पर समय का दबाव बनाने के बजाय उनकी सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों पर ध्यान केंद्रित करेंगी.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश में गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा को लेकर बहस तेज है. हाल ही में 21 नवंबर, 2025 को लागू हुए 'सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020' के तहत इन श्रमिकों के लिए बीमा, स्वास्थ्य लाभ और वृद्धावस्था सुरक्षा जैसे प्रावधान किए गए हैं.
गौरतलब है कि पिछले साल 31 दिसंबर को गिग वर्कर्स ने बेहतर भुगतान और सुरक्षित काम के माहौल के लिए देशव्यापी हड़ताल भी की थी, जिसके बाद सरकार और प्रशासन पर इन बदलावों के लिए दबाव बढ़ गया था.