रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

मैनचेस्टर उपचुनाव पर गाजा युद्ध की छाया, मुस्लिम वोटर बने किंगमेकर

C

CG Khabar

17 फ़र. 2026, 10:39 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

गाजा संकट
गाजा संकट

मैनचेस्टर । डेस्क: ब्रिटेन की राजनीति में आगामी 26 फरवरी को होने जा रहा 'गॉर्टन और डेंटन' उपचुनाव केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय नीतियों, विशेषकर गाजा युद्ध पर जनता के फैसले की एक अग्निपरीक्षा बन गया है. इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जिसकी नाराजगी और संभावित 'स्विंग वोट' इस चुनाव के परिणाम तय करने वाले हैं. 


विश्लेषकों का मानना है कि मुस्लिम मतदाता इस बार 'किंगमेकर' की भूमिका में हैं, जो पारंपरिक रूप से लेबर पार्टी के समर्थक रहे हैं, लेकिन अब वे बदलाव के मूड में दिख रहे हैं.

विज्ञापन


लेबर पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती गाजा युद्ध पर उसका अपना पुराना रुख है. संघर्ष की शुरुआत में लेबर नेता कीर स्टार्मर ने इजरायल द्वारा गाजा की बिजली और पानी काटने के अधिकार का समर्थन किया था, जिसे मानवाधिकारों के खिलाफ माना गया. 


हालांकि बाद में पार्टी ने युद्धविराम का समर्थन किया, लेकिन तब तक मुस्लिम समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच गहरा अविश्वास पैदा हो चुका था. 


2024 के आम चुनाव में भी पार्टी को भारी जीत के बावजूद कई मुस्लिम बहुल इलाकों में हार का सामना करना पड़ा था. गॉर्टन के मतदाताओं का कहना है कि वे उस पार्टी को वोट देने में हिचकिचा रहे हैं जिसने गाजा में हो रहे मानवीय संकट पर समय रहते कड़ा रुख नहीं अपनाया.


इस नाराजगी का सीधा लाभ ग्रीन पार्टी को मिलता दिख रहा है. ग्रीन पार्टी ने शुरू से ही गाजा में तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की वकालत की है, जिससे वह युवा और मुस्लिम मतदाताओं की पहली पसंद बनकर उभरी है. 


दूसरी ओर, दक्षिणपंथी पार्टी 'रिफॉर्म यूके' डेंटन जैसे इलाकों में लेबर के 'वर्किंग क्लास' वोट बैंक में सेंध लगा रही है. लेबर उम्मीदवार एंजेलिकी स्टोगिया इस बिखराव को रोकने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पूर्व सांसद एंड्रयू ग्विन का इस्तीफा और मेयर एंडी बर्नहैम की उम्मीदवारी को पार्टी द्वारा रोके जाने जैसे आंतरिक विवादों ने लेबर की स्थिति को और कमजोर कर दिया है.


अंतिम निर्णय अब गॉर्टन की गलियों और डेंटन के बाजारों में छिपे उन हजारों मतदाताओं के हाथ में है, जिनके लिए इस बार स्थानीय विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय न्याय भी एक बड़ा मुद्दा है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP