गढ़चिरौली: 9 हार्डकोर नक्सलियों ने किया सरेंडर
नागपुर । डेस्क: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में मंगलवार को छत्तीसगढ़ की सीमा लांघकर आए 9 वरिष्ठ माओवादियों ने गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ के सामने अपने हथियार डाल दिए. आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर महाराष्ट्र सरकार ने कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित राष्ट्रीय नीति की समय सीमा के अंतिम दिन हुआ, जिसे दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गतिविधियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
आत्मसमर्पण करने वालों में तीन एरिया कमेटी स्तर के सदस्य और छह अन्य हार्डकोर कैडर शामिल हैं. इनमें शांति वड्डे और सुक्की कुंजाम नाम की दो महिलाएं भी हैं, जिन्होंने एके-47 राइफल और जिंदा कारतूसों के साथ सरेंडर किया. शांति वड्डे पर 6 लाख रुपये का इनाम था.
इन नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित कुम्मार के जंगलों और इंद्रावती नेशनल पार्क के गुंडापुर इलाके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं, जिनमें एके-47, एसएलआर राइफलें, डेटोनेटर और डिजिटल उपकरण शामिल हैं.
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच दिनों में कुल 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. वर्ष 2025 से अब तक 132 सशस्त्र माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं.
पुलिस का कहना है कि सरकार की 'सशक्त सुरक्षा अभियान' और 'पुनर्वास नीति' के दोहरे प्रभाव के कारण अब नक्सली गतिविधियां केवल भामरागढ़ जैसे सीमावर्ती इलाकों तक सिमट कर रह गई हैं.
आत्मसमर्पण करने वाले इन सदस्यों को अब सरकारी नीति के तहत वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा. पुलिस सूत्रों का दावा है कि 2022 से अब तक 166 नक्सलियों के सरेंडर के साथ ही गढ़चिरौली में उग्रवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गयसरेंडर