असम के 19 जिलों के 764 गांव बाढ़ की चपेट में
गुवाहाटी | डेस्क: असम में बाढ़ का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार की दोपहर तक जो जानकरी आई है, उसके अनुसार असम के 19 जिलों के 764 गांवों के लगभग 3.6 लाख लोग इस समय बाढ़ की चपेट में हैं.
असम में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. डिब्रूगढ़ और निमाटीघाट सहित कई स्थानों पर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके अलावा पांच अन्य नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है.
10,000 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चेतावनी दी कि राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों की स्थिति खराब होने की आशंका है.
केंद्रीय जल आयोग ने असम के हैलाकांडी और श्रीभूमि जिलों, तथा त्रिपुरा के खोवाई और पश्चिम त्रिपुरा जिलों के लिए सोमवार को खतरे की सीमा से ऊपर बहने वाले पानी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. इस बीचअसम सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है
वायु सेना ने अरुणाचल प्रदेश की मदद की
भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की निचली दिबांग घाटी में बाढ़ग्रस्त बोमजीर नदी से 14 लोगों को पहले ही बचाया जा चुका है, जो मुख्य भूमि से अलग-थलग है. यह ऑपरेशन एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा संचालित किया गया.
मौसम विभाग ने 1 जून से 5 जून तक भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है, जबकि 5 जून को भी भारी बारिश की उम्मीद है. इस सप्ताह की शुरुआत में, आईएमडी ने बहु-खतरनाक मौसम की चेतावनी जारी की थी.
सिक्किम में 1,200 से अधिक पर्यटक फंसे
उधर सिक्किम में 1,500 से अधिक पर्यटक फंसे हैं. उन्हें निकालने के लिए सेना और वायु सेना का इस्तेमाल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन पूर्वी सिक्किम के नेमाचेन प्रेमलखा के पास हुआ. उन्होंने यात्रियों को सावधानी बरतने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की सलाह दी है.
उत्तरी सिक्किम में स्थिति और भी खराब है. मंगन जिला बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस बीच, सीमा सड़क प्राधिकरण ने फिलहाल लाचुंग तक पहुंच बहाल कर दी है.
मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा में बाढ़ का कहर
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मणिपुर में बाढ़ से 19,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.अधिकारियों के अनुसार, पिछले चार दिनों में लगातार भारी बारिश के कारण 3,365 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 19,811 लोग प्रभावित हुए हैं.
इंफाल पूर्वी जिले में 31 राहत शिविर स्थापित किये गये हैं. सेनापति जिला तथा इम्फाल पूर्व में हिंगांग, वांगखेई और खुरई विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र थे. इसके अलावा, पिछले चार दिनों में राज्य में 47 भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं.
भारतीय मौसम विभाग ने मेघालय के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा के लिए भी इसी प्रकार की चेतावनी जारी की गई है. मेघालय के 10 जिले अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं.
इसी तरह त्रिपुरा में बाढ़ से 10,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. भारी बारिश के कारण त्रिपुरा में एक व्यक्ति की मैनहोल में गिरने से मौत हो गई. इस बीच, भारी बारिश के कारण शहर जलमग्न हो गया, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया और मुख्यमंत्री माणिक साहा के आवास के सामने लोग घुटनों तक पानी में डूबते देखे गए.
भारतीय सेना ने बचाव प्रयासों में सहायता के लिए ऑपरेशन जल राहत-2 शुरू किया है. राहत एवं बचाव कार्य के लिए वायु सेना और असम राइफल्स को तैनात किया गया है. प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. भारतीय वायु सेना ने रविवार को असम के तिनसुकिया जिले से 13 श्रमिकों सहित 14 लोगों को बचाया.