बस्तर के 29 गांवों में पहली बार होगा ध्वजारोहण
बस्तर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में कई इलाके ऐसे थे जहां पुलिस और प्रशासन की पहुंच नहीं थी. इन इलाकों में लाल आतंक की सरकार का राज था.
लेकिन सुरक्षा बलों ने बीते कुछ महीनों में माओवादियों के सबसे मजबूतगढ़ में घुस कर कैंप स्थापित किए हैं. ऐसे ही 29 गांवों में आजादी के बाद पहली बार कल 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाएगा.
इससे पहले माओवादी इन बीहड़ों में आजादी के पर्व पर काले झंडे फहराते थे. नक्सलवाद का दंश झेल रहे सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिले के इन 29 गांवों में पहली बार आजादी का पर्व मनाया जाएगा.
कर्रेगुट्टा में तैयारी जोरों पर
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से चलाए गए एंटी नक्सल ऑपरेशन में बीजापुर जिले के 11 गांवों में पहली बार फोर्स पहुंची है.
इनमें पुजारी कांकेर जैसे गांव भी हैं, जिससे लगे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर बीते दिनों जवानों ने माओवादियों के खिलाफ सबसे बड़े और लंबे एंटी नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया.
इसके अलावा जिले के कोंडापल्ली, जिड़पल्ली जैसे गांव माओवादियों के बटालियन नंबर-1 के कोर इलाके थे.
इन इलाकों में भी फोर्स की पहुंच के बाद यहां कैम्प स्थापित किया गया और इन इलाकों के ग्रामीणों का भरोसा जीता गया.
नक्सलगढ़ में जवानों की पहुंच
बीजापुर के साथ नारायणपुर जिले में भी 11 गांवों में पहली बार आजादी का पर्व मनाया जाएगा. जवानों ने अब तक अबूझ रहे अबूझमाड़ में भी कई नए कैंप खोले हैं.
ये वही अबूझमाड़ है जहां फोर्स ने 21 मई को सबसे बड़े नक्सली नेता सेंट्रल कमेटी मेम्बर बसवराजू को मार गिराया था.
इसके अलावा सुकमा जिले के 7 गांवों में भी पहली बार आजादी का पर्व मनाया जाएगा. ये वो गांव हैं जहां नक्सली कमांडर हिड़मा का दहशत था.
इन गांवों में भी डीआरजी सीआरपीएफ, कोबरा और एसटीएफ जवानों की पहुंच के बाद इन 7 गांवों में भी पहली बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा लहराएगा.
इन गांवों में जश्न का माहौल
जिन गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा उनमें बीजापुर जिले का कोण्डापल्ली, जिड़पल्ली, जिड़पल्ली-2, वाटेवागु, कर्रेगुट्टा, पीड़िया, गूंजेपरति, पुजारी कांकेर, भीमाराम, कोरचोली, कोटपल्ली शामिल हैं.
नारायणपुर जिले में होरादी, गारपा, कच्चापाल, कोडलियार, कुतुल, बेड़माकोटी,पदमकोट, कंदुलनार, नेलांगुर, रायनार और पांगुर शामिल है.
सुकमा जिले में तुमालपाड़, रायगुड़ेम,गोल्लागुंडा,गोमगुड़ा, मेटागुड़ा, उसकवाया और नुलकातोंग शामिल है.
इन सभी गांवों और कैंपों में पहली बार स्थानीय ग्रामीण स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे. जिसकी तैयारी जोरों पर है. साथ ही इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी तगड़ी की गई है.