पहले BJP के लिए भर्ती की, फिर चुनाव आयोग में बने अंपायर- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश के चुनावों में "मैच फिक्सिंग" करने का गंभीर आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार जब आईएएस अधिकारी थे, तब वे भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक भर्ती का काम करते थे.
राहुल गांधी ने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के एक बयान का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह हमला बोला. जिजी थॉमसन का दावा है कि 2016 में दिल्ली की एक हवाई यात्रा के दौरान तत्कालीन आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने उनसे 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ने का प्रस्ताव दिया था और जीतकर केंद्रीय मंत्री बनने की बात कही थी.
थॉमसन ने बताया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया था क्योंकि उनकी राजनीति में जाने की कोई रुचि नहीं थी.
इस खबर की वीडियो रिपोर्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "पहले ज्ञानेश कुमार - जो तब एक सेवारत आईएएस अधिकारी थे - का इस्तेमाल भाजपा के लिए भर्ती करने में किया गया. फिर मोदी और शाह ने उन्हें अंपायर बना दिया और भारत के चुनावों की मैच-फिक्सिंग की जिम्मेदारी सौंप दी."
कांग्रेस की केरल इकाई ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि एक सेवारत अधिकारी के पास ऐसा राजनीतिक ऑफर देने का क्या अधिकार था?
यह नया राजनीतिक विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग पहले से ही आंतरिक फैसलों को लेकर आलोचनाओं के घेरे में है. 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में बिना उनकी जानकारी के जारी किए गए कम से कम 14 आदेशों पर औपचारिक आपत्ति जताई थी.
दूसरी ओर, विवाद गहराने पर चुनाव आयोग ने शनिवार को सफाई जारी करते हुए मतभेदों की रिपोर्टों को खारिज किया. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सभी फैसले पूरे आयोग की सर्वसम्मति और मंजूरी से ही लिए गए हैं.