UN के अस्तित्व पर मंडराया वित्तीय संकट, महासचिव ने दी 'दिवालिया' होने की चेतावनी
न्यूयॉर्क । डेस्क: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने विश्व संस्था के भविष्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है. सदस्य देशों को लिखे एक पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि बकाया वार्षिक शुल्क न मिलने और जटिल वित्तीय नियमों के कारण संयुक्त राष्ट्र 'आसन्न वित्तीय पतन' यानी दिवालिया होने की कगार पर है.
गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो संगठन के पास जुलाई 2026 तक नकदी पूरी तरह समाप्त हो सकती है.
यह संकट ऐसे समय में गहराया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बहुपक्षीय संस्थानों के लिए वाशिंगटन की फंडिंग में कटौती करने और कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों से हटने के संकेत दिए हैं. इसके साथ ही ट्रंप की नई 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल की भी चर्चा है, जिसे विशेषज्ञ संयुक्त राष्ट्र को दरकिनार करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं.
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के बजट में अमेरिका की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत और चीन की 20 प्रतिशत है.
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक सदस्य देशों पर रिकॉर्ड 1.57 अरब डॉलर का बकाया था. जनवरी 2026 की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र ने लागत कम करने के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत कम, यानी 3.45 अरब डॉलर का बजट स्वीकृत किया था, लेकिन इसके बावजूद नकदी का संकट बरकरार है.
गुटेरेस ने पुराने वित्तीय नियमों की आलोचना करते हुए इसे अजीबो-गरीब स्थिति बताया, जहां संगठन को वह पैसा सदस्य देशों को वापस करना पड़ता है जो वास्तव में उसके पास है ही नहीं. फिलहाल 193 सदस्य देशों में से केवल 36 ने ही 2026 का अपना पूर्ण योगदान दिया है.