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महिला पहलवान यौन उत्पीड़न: दिल्ली कोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह बरी

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03 अग. 2026, 06:48 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

 बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह

नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है.अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार की अदालत ने सोमवार को इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना फैसला सुनाया. 


अदालत ने मामले में सह-आरोपी और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी बरी कर दिया है. 


अदालती कार्यवाही के दौरान मीडिया को भीतर जाने की अनुमति नहीं थी. निर्णय के बाद बृजभूषण शरण सिंह के वकीलों ने इसे "सम्मानजनक बरी" करार दिया है. 


क्या था पूरा मामला?


यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए यौन उत्पीड़न और पीछा करने के गंभीर आरोपों से जुड़ा था. शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी. इसके बाद 15 जून 2023 को पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश की थी. इस चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए थे.  


मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को पांच महिला पहलवानों के संदर्भ में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धारा 354, 354A और दो पहलवानों के संबंध में धारा 506(1) के तहत औपचारिक रूप से आरोप (Charges) तय किए थे. वहीं, सह-आरोपी विनोद तोमर पर एक पीड़ित को डराने-धमकाने के आरोप तय किए गए थे.  


नाबालिग पहलवान का मामला पहले ही हो चुका था बंद


शुरुआत में एक नाबालिग पहलवान ने भी पूर्व WFI अध्यक्ष पर आरोप लगाए थे. हालांकि, बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत रद्दीकरण रिपोर्ट अदालत में दाखिल की थी, जिसके आधार पर वह मामला पहले ही बंद कर दिया गया था.  


बृज भूषण सिंह के बरी होने पर क्या बोलीं विनेश फोगाट की वकील?


विनेश फोगाट की वकील रेबेका जॉन ने कहा है, "यह फ़ैसला बेहद निराश करने वाला है. इस मामले में शिकायत करने वाली चार महिलाओं ने अदालत में पूरी ईमानदारी से गवाही दी. जिरह के दौरान भी उनके बयान नहीं बदले."


उन्होंने कहा, "हमें नहीं पता कि यह बरी करने का फ़ैसला कैसे आया. अभी तक हमें अदालत का आदेश नहीं मिला है. फ़िलहाल इतना ही कहेंगे कि हम इस फ़ैसले को चुनौती देंगे. हमें पूरा भरोसा है कि यह फ़ैसला पलट दिया जाएगा.”

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP