बेटी के जन्मदिन पर चिता को गुब्बारों से सजाकर पिता ने अंतिम विदाई दी
कवर्धा । संवाददाता: जीवन की क्रूरता कभी-कभी ऐसी मार झोंकती है कि खुशियां और गम एक साथ उलझ जाते हैं. 5 अक्टूबर को एक भयानक सड़क दुर्घटना में अपनी 10 साल की मासूम बेटी अदिति भट्टाचार्य को खोने वाले पिता इंद्रजीत भट्टाचार्य ने उस दर्द भरे दिन को हमेशा के लिए अमर कर दिया.
अदिति का जन्मदिन भी उसी तारीख को था, और पिता ने अपनी लाड़ली को अलविदा कहते हुए श्मशान घाट पर ही उसका बर्थडे सेलिब्रेट किया-चिता को गुब्बारों से सजाकर, चॉकलेट्स बांटकर और केक काटकर. यह दृश्य न सिर्फ परिवार को, बल्कि हर गवाह को गहरे सदमे में डाल गया.
हादसे की पूरी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है. कवर्धा-जबलपुर नेशनल हाईवे पर शाम करीब चार बजे चिल्फी थाना क्षेत्र के अकलघरिया में एक बोलेरो वाहन (क्रमांक CG-07-AM-2839) की टक्कर ट्रक (क्रमांक CG-06-GU-7674) से हो गई.
पश्चिम बंगाल के कल्याणी जिले नदिया के 9 लोग कान्हा टाइगर रिजर्व घूमने के बाद बिलासपुर रेलवे स्टेशन लौट रहे थे, ताकि रात 10 बजे की कोलकाता ट्रेन पकड़ सकें. लापरवाही से भरे ट्रक चालक ने विपरीत दिशा से आते बोलेरो को जोरदार धक्का मार दिया, जिससे वाहन पलट गया. इस हादसे में बोलेरो चालक अजय कुमार कुश्वाहा के अलावा परम भट्टाचार्य (45), अदिति भट्टाचार्य (10), अन्वेशा सोम और पोपी वर्मा की मौके पर ही जान चली गई.
वहीं, रितोभाष, अद्विका भट्टाचार्य, सुप्रिति मांझी, मुनमुन बाग और अरनादीप दास गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिनका इलाज जारी है.
इस विपत्ति के बीच अदिति की विदाई का पल सबसे ज्यादा हृदयविदारक रहा. मुक्तिधाम, लोहारा रोड स्थित श्मशान में इंद्रजीत ने बेटी के जन्मदिन को याद करते हुए विशेष इंतजाम किए. गुब्बारों से सजी चिता पर अदिति को लिटाया गया, फिर परिवार ने केक लाकर काटा. पिता खुद चिता के पास बैठे, आंसुओं के बीच मुस्कान लाने की कोशिश की, जैसे बेटी को आखिरी बार खुशियां देना चाहते हों.
रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की आंखें भर आईं, जो इस दृश्य को देखकर सन्न रह गए. यह नजारा न केवल एक परिवार की त्रासदी को उजागर करता है, बल्कि सड़क सुरक्षा की अनदेखी पर सवाल भी खड़े करता है-क्यों ऐसी जिंदगियां बेवजह छिन जाती हैं?
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. चिल्फी थाना प्रभारी ने ट्रक चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1), 125(ए) और 281 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली.
चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है, लेकिन यह घटना पूरे इलाके में सतर्कता का संदेश दे गई. जीवन की नाजुक डोर को संभालने की याद दिलाती यह कहानी हर दिल को छू लेगी. (फोटो- प्रतीकात्मक)