'बड़े देशों के दबदबे का दौर खत्म, बहुध्रुवीयता ही अब भविष्य': एस. जयशंकर
नई दिल्ली । डेस्क: रायसीना डायलॉग के एक संवादात्मक सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक राजनीति के भविष्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि दुनिया अब पूरी तरह से बहुध्रुवीय हो चुकी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह युग अब प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है जब बड़े देश अपने प्रभाव क्षेत्र बनाते थे और दुनिया पर बड़े व्यापक समझौते थोपते थे.
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की पुस्तक 'द ट्रायंगल ऑफ पावर' पर चर्चा करते हुए जयशंकर ने तर्क दिया कि आज कोई भी देश ऐसा नहीं है जिसका हर क्षेत्र में दबदबा हो, इसलिए कोई भी अकेला अधिपति नहीं बन सकता.
उन्होंने कहा कि भविष्य में बड़े देश केवल सीमित मुद्दों पर ही अस्थायी समझौते करेंगे और दुनिया के विभिन्न क्षेत्र अलग-अलग डोमेन में अपना योगदान देंगे.
विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बहुध्रुवीयता, बहुपक्षवाद के खिलाफ नहीं है और बहुपक्षवाद की सफलता इस बात पर निर्भर नहीं होनी चाहिए कि बहुध्रुवीयता कमजोर हो, क्योंकि बहुध्रुवीयता अब एक स्थाई सच्चाई है.