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भरी बरसात में हाथियों ने किया 40 ग्रामीणों को बेघर

एक ही रात में हाथियों ने 9 घर तोड़े

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Hupendra Sharma

21 जून 2025, 09:57 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

हाथी-बारिश
हाथी-बारिश

मैनपाट | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के सरगुजा के मैनपाट क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं. एक तरफ भारी बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वहीं हाथियों द्वारी की जाने वाली तोड़फोड़ ने ग्रामीणों को बेघर कर दिया है.


गुरुवार की रात को क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के दल ने कई मकानों को ज़मींदोज़ कर दिया. इस तबाही से करीब 9 परिवारों के 40 लोग भरी बरसात में बेघर हो गए हैं. बताया गया कि मैनपाट क्षेत्र में पिछले 6 दिनों से भारी बारिश हो रही है. लगातार हो रही बारिश से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

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ग्रामीण घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. गुरुवार की रात भी ग्रामीण अपने कच्चे घरों में आराम कर रहे थे. उसी दौरान मैनपाट के कंडराजा, बरडांड और चोरकीपानी गांव में हाथियों ने जमकर कहर बरपाया.


जंगल से आए 10 हाथियों के दल और एक लोनर हाथी ने 9 ग्रामीणों के घरों को तोड़कर धराशायी कर दिया.


अचानक रात को हाथियों के हमलों से ग्रामीण जैसे-तैसे जान बचाकर भागे. बताया गया कि 10 हाथियों का यह दल और लोनर हाथी पिछले दो महीनों से कापू के जंगल और आसपास के तराई क्षेत्रों में सक्रिय हैं.


पिछले 50 दिनों से हाथियों के इस दल ने करीब 28 घरों को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही घरों में रखा अनाज भी चट कर गए.


इससे पहले हाथियों का दल रबी फसल को चट कर गया. गर्मी के मौसम में क्षेत्र के करीब 1200 एकड़ में लगी धान की फसल को हाथियों ने बर्बाद कर दिया था.


अब फसल कटने के बाद हाथी भोजन की तलाश में जंगल से गांव की ओर बढ़ रहे हैं. जहां घरों के साथ अनाज को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. 


रतजगा करने मजबूर ग्रामीण

मैनपाट क्षेत्र में पिछले दो माह से विचरण कर रहे हाथियों के दल की वजह से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं.


पिछले दो माह से ग्रामीण ठीक से सो नहीं पाए हैं. मैनपाट के कंडराजा, बदायनडाड, बरडांड, चोरकीपानी सहित 16 गांवों में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं. दो महीने से हाथियों का दल रोज किसी न किसी गांव में पहुंच कर नुकसान पहुंचा रहा है.


ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथी को भगाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है. वन विभाग वाले सायरन बजाकर चले जाते हैं.


गुरुवार की रात को भी हाथियों ने ब्लॉक मुख्यालय नर्मदापुर से करीब आठ किमी दूर ग्राम बरडांड में तोड़फोड़ की.


कई बार तो हाथियों का दल ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंच चुका है, जिससे लोगों में दहशत है.  


ये ग्रामीण हुए बेघर

गुरुवार की रात को हाथियों ने जिन ग्रामीणों के घरों को ढहाया है, वे अब बेघर हो गए हैं. उनमें नंनाईडांड के तीन ग्रामीण हैं. यहां के निवासी अंगद, राजेश यादव और राजू के पास अब रहने को घर नहीं है.


इसी तरह ग्राम बरडांड के रहने वाले रामजी यादव, रामलाल यादव, रामप्रकाश, ओम प्रकाश यादव हैं. वहीं चोरकीपानी के रामप्रकाश और ग्राम कंडराजा के त्रिलोकी यादव का घर पूरी तरह से ढहा दिया है. 


मैनपाट इलाके के रेंजर फेकू प्रसाद चौबे का कहना है कि बेघर हुए लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. साथ ही हाथियों की रात भर निगरानी कर रहे हैं. बारिश और धुंध के कारण हाथी दिखाई ही नहीं देते. दल तीन-चार भागों में बंट जा रहे हैं.


उन्होंने कहा कि हाथी रोजाना कहीं ना कहीं घर तोड़ रहे हैं. यह समस्या काफी दिनों से बनी हुई है. वन विभाग हर दिन हाथियों को खदेड़ रहे हैं. लेकिन हाथी फिर लौट आते हैं. 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP