थाईलैंड में हाथियों को गर्भनिरोधक टीके लगाया जा रहा है
नई दिल्ली । डेस्क: थाईलैंड ने जंगली हाथियों की तेजी से बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने और मनुष्यों के साथ उनके बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. देश के वन्यजीव अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी कि इतिहास में पहली बार जंगली हाथियों को गर्भनिरोधक टीके लगाए जा रहे हैं. इस अभियान की शुरुआत इसी सप्ताह दक्षिण-पूर्वी प्रांत त्रात में तीन मादा हाथियों को टीका लगाकर की गई.
वन्यजीव संरक्षण कार्यालय के निदेशक सुखी बूनसांग ने बताया कि पूर्वी थाईलैंड में हाथियों की जन्म दर प्रति वर्ष लगभग आठ प्रतिशत है, जो तीन प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो भविष्य में भोजन और स्थान के लिए मनुष्यों और हाथियों के बीच हिंसक झड़पें और बढ़ सकती हैं.
उल्लेखनीय है कि थाईलैंड में साल 2015 में जंगली हाथियों की संख्या 300 के करीब थी, जो पिछले साल तक बढ़कर लगभग 800 हो गई है. आंकड़ों के अनुसार, 2012 से अब तक इन संघर्षों में 200 लोगों और 100 से अधिक हाथियों की जान जा चुकी है.
इस टीकाकरण प्रक्रिया की खास बात यह है कि पशु चिकित्सकों की टीम ने हाथियों को बेहोश किए बिना ही 'डार्ट गन' के जरिए दूर से टीका लगाया.
शुरुआती निगरानी में हाथियों के व्यवहार में कोई बदलाव या जटिलता नहीं देखी गई है.
अधिकारियों के अनुसार, इन हाथियों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए हर छह महीने में उनका ब्लड टेस्ट किया जाएगा.
इससे पहले चियांग माई में सात पालतू हाथियों पर इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है.
अब प्रशासन की योजना मई में मानसून शुरू होने से पहले अन्य क्षेत्रों में 15 और खुराक देने की है, ताकि एशियाई हाथियों की आबादी को संतुलित रखा जा सके, जो वर्तमान में आईयूसीएन (IUCN) की लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में शामिल हैं.