चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के प्रतिनिधिमंडल से बिना पूर्व अपॉइंटमेंट के मिलने से इनकार किया
नई दिल्ली । डेस्क: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को उस वक्त जोरदार सियासी ड्रामा देखने को मिला जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर विरोध मार्च निकाला. पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी तनातनी हुई, जिसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन सहित कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा था, जो कि विशेष सूचना संशोधन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि उसने राहुल गांधी के नेतृत्व वाले 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात क्यों नहीं की. आयोग ने विपक्षी सांसदों के इस अनुरोध को "असामान्य" करार दिया और कहा कि यह निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था.
चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल के अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा पूर्व अपॉइंटमेंट के लिए कोई आधिकारिक आवेदन नहीं दिया गया था. दिल्ली पुलिस के माध्यम से ही आयोग को सूचित किया गया था कि सांसद संसद भवन एनेक्सी में बैठक करना चाहते हैं.
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि स्थापित नियमों के तहत इस तरह की सभी आधिकारिक बैठकें केवल चुनाव आयोग के अपने परिसर में ही आयोजित की जाती हैं.
आयोग ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अपना ज्ञापन प्राप्त करने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ अधिकारी को संसद भवन एनेक्सी भेजने की पेशकश की थी, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस प्रस्ताव को भी अस्वीकार कर दिया.
आयोग ने कहा कि वह संसदीय परंपराओं और अपने नियमों का पूर्ण सम्मान करता है, और यदि उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय मांगा जाता, तो बैठक के लिए तारीख और समय तय किया जा सकता था.
दूसरी ओर, हिरासत में लिए जाने के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा जारी रहा. राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ गए और राष्ट्रीय ध्वज फहराया. बाद में वे पुलिस घेरे को चकमा देकर आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए और कई घंटों तक वहीं डटे रहे.
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पुलिस की कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र के अवशेषों को सड़कों पर घसीटा गया है और लोकतंत्र से विश्वासघात करने वालों का हिसाब होगा. इस पूरे वाकये के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है.