UCC का ड्राफ्ट तैयार करने में तेजी, जिला स्तर पर सर्वे और शिक्षाविदों से सलाह
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में अपनी कवायद तेज कर दी है. राज्य द्वारा गठित ड्राफ्टिंग कमेटी ने कानून का मसौदा तैयार करने के लिए परामर्श का दायरा बढ़ा दिया है.
राजधानी रायपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और वरिष्ठ शिक्षाविदों ने ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्यों के साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे अहम कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया.
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि कानून का अंतिम प्रारूप तय करने से पहले जिलों में जमीनी सर्वे, अकादमिक शोध और जनता से सीधे सुझाव लिए जाने चाहिए.
बैठक में हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विवेकानंदन ने कानूनी ढांचे पर प्रस्तुति देते हुए तकनीकी और अकादमिक मदद का प्रस्ताव रखा. वहीं, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि ड्राफ्टिंग प्रक्रिया में केवल कानूनी विशेषज्ञों ही नहीं, बल्कि समाजशास्त्र और मानवशास्त्र के शोधकर्ताओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.
समिति का मुख्य जोर एक ऐसा कानून तैयार करने पर है जो अदालती समीक्षा में खरा उतरे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक व सामाजिक विविधता का सम्मान करे. विशेष रूप से जनजातीय समुदायों की पारंपरिक प्रथाओं के संरक्षण को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जिसके लिए सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी संवाद जारी है.
कमेटी अब रायपुर से बाहर निकलकर दुर्ग संभाग सहित अन्य क्षेत्रों में जन प्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों के साथ बैठकें करने जा रही है.