छत्तीसगढ़ में खाद्य तेल होंगे सस्ते
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ सहित सारे देश में खाद्य तेलों के दाम कम होंगे क्योंकि केन्द्र सरकार ने इसके आयात पर शुल्क को कम कर दिया है. केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों की कीमतों को कम करने के लिये एक बड़ा कदम उठाया है.
सरकार ने कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर लगने वाले मूल आयात शुल्क को 50 फीसदी घटाकर 10 फीसदी कर दिया है. पहले इन तीनों कच्चे खाद्य तेलों पर 20 प्रतिशत आयात शुल्क लगता था.
केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क को 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है. इस कदम से खाद्य तेलों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है.
यह निर्णय घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की उपलब्धता बढ़ाने और उनकी कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है. सरकार के इस कदम से खाद्य तेलों के आयात पर होने वाली लागत कम होगी, जिसका सीधा असर उपभोक्ता कीमतों पर पड़ सकता है.
भारत ने 2023-24 के तेल विपणन वर्ष (नवंबर से अक्टूबर) में कुल 159.6 लाख टन खाद्य तेलों का आयात किया, जिसका का आयात मूल्य ₹1,31,967 करोड़ था.
जिन तेल का आयात किया गया था, उनमें कच्चा पाम तेल (CPO) 69.7 लाख टन, RBD पामोलीन 19.3 लाख टन, सोयाबीन तेल 34.4 लाख टन और सूरजमुखी तेल 35.1 लाख टन था.
हालांकि भारत सरकार ने 2030-31 तक घरेलू खाद्य तेल उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो सके. इसके लिए तेलबीज उत्पादन में सुधार के लिए ₹10,100 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है. लेकिन अभी धरातल पर इसका कोई खास असर नहीं नज़र आ रहा है.