गाज़ा में दवाओं का अकाल: 1,200 मरीजों की मौत
नई दिल्ली । डेस्क: गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इजरायली घेराबंदी और दो साल से अधिक समय से जारी युद्ध के कारण क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गाज़ा में आवश्यक दवाओं की सूची में 52 प्रतिशत और चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों में 71 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है.
इस गंभीर संकट के कारण आपातकालीन सेवाओं, सर्जरी और गहन देखभाल (ICU) इकाइयों का संचालन लगभग असंभव हो गया है, जिससे लाखों मरीजों का जीवन खतरे में है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूचना इकाई के प्रमुख ज़हीर अल-वहीदी ने बताया कि चिकित्सा निकासी की सुविधा न मिलने के कारण अब तक 155 बच्चों सहित कुल 1,200 मरीजों की मौत हो चुकी है. वर्तमान में भी लगभग 1,500 बच्चे इलाज के लिए सीमा पार जाने का इंतजार कर रहे हैं.
मंत्रालय के अनुसार, आपातकालीन सेवाओं में जीवन रक्षक एंटीबायोटिक दवाओं और दर्द निवारक दवाओं का स्टॉक खत्म हो चुका है, जिससे लगभग 2 लाख मरीजों की आपातकालीन देखभाल और 1 लाख मरीजों की सर्जरी प्रभावित हो रही है.
10 अक्टूबर से लागू अमेरिका समर्थित युद्धविराम के बावजूद, इजरायल पर समझौते के उल्लंघन और सहायता ट्रकों को रोकने के आरोप लग रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में गाज़ा की मासिक जरूरत का 30 प्रतिशत से भी कम चिकित्सा सामान अंदर पहुंच पा रहा है.
इस बीच, इजरायली जेलों से रिहा किए गए छह फिलिस्तीनी कैदियों को इलाज के लिए अल-अक्सा शहीद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिन्होंने हिरासत के दौरान कुपोषण और दुर्व्यवहार की शिकायत की है.
दूसरी ओर, गाज़ा शहर के शेख राधवान इलाके में जर्जर इमारतों के गिरने से मौतों का सिलसिला जारी है, जहाँ हाल ही में एक घर की छत गिरने से चार लोगों की जान चली गई.
अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 70,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस मानवीय त्रासदी को रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करें और गाज़ा में आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित करें.