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आत्मनिर्भर भारत: फाइटर जेट्स के इंजन के स्वदेशी निर्माण पर ज़ोर

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18 अक्टू. 2025, 10:12 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

DRDO
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नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए रक्षा मंत्रालय ने अब युद्धक विमानों (फाइटर जेट्स) के इंजन के स्वदेशी निर्माण पर ज़ोर दिया है. विदेशी निर्भरता के कारण देश में बने लड़ाकू विमान 'तेजस' के उत्पादन में हो रहे विलंब के बीच, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इस समस्या से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है.


सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना का लक्ष्य 2035 तक पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमानों के लिए उपयुक्त इंजनों का निर्माण और व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना है. DRDO के तहत कार्यरत गैस टर्बाइन अनुसंधान संस्थान (GTRE) इस कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहा है, जिसकी अनुमानित लागत $65,400 करोड़ रुपये है.


गैस टर्बाइन अनुसंधान संस्थान के प्रमुख एस.वी. रमना मूर्ति ने बताया कि देश में वर्तमान में अनुसंधान और निर्माण के विभिन्न चरणों में मौजूद अलग-अलग मॉडल के युद्धक विमानों के लिए लगभग 1,100 इंजनों की आवश्यकता होगी, और उनका लक्ष्य अगले एक दशक के भीतर इस मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन शुरू करना है.


गौरतलब है कि अमेरिकी कंपनी 'जीई एयरोस्पेस' से एफ404 इंजन समय पर न मिलने के कारण, भारतीय वायुसेना को 'तेजस मार्क-1ए' विमानों की आपूर्ति निर्धारित समय सीमा से लगभग ढाई साल बाद होने वाली है. हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन डीके सुनील ने देरी के लिए अमेरिकी कंपनी को जिम्मेदार ठहराया था.


प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में देश में ही जेट इंजन बनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय और DRDO ने इस दिशा में तेज़ी से काम शुरू कर दिया है. 


कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत इस इंजन के संयुक्त विकास और निर्माण के लिए जापान की 'मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज' या ब्रिटेन की 'रोल्स-रॉयस' जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकता है.


यह परियोजना भारत को रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने और महत्वपूर्ण विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP