लोकसभा-विधानसभाएं भंग कर मतपत्र से चुनाव कराएं: खरगे
कलबुर्गी । डेस्क: कांग्रेसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश की चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं को तुरंत भंग करने की मांग की है. कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने देश में कराए जा रहे चुनावों को गैर-कानूनी करार दिया और कहा कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अगले सभी चुनाव ईवीएम (EVM) के बजाय बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराए जाने चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के निर्वाचन पर निशाना साधते हुए चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए.
मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (SIR) में धांधली का आरोप
चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस कसरत के जरिए मतदाता सूचियों में भारी हेरफेर की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक पोलिंग बूथ से सैकड़ों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. उनका दावा है कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता गांव-गांव और वार्डों में जाकर कथित रूप से नाम कटवाने के लिए फॉर्म भरवा रहे हैं, जिससे चुनावों की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो रही है.
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कानून और सुप्रीम कोर्ट का जिक्र
वर्ष 2023 में पारित मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून की आलोचना करते हुए खरगे ने सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इस चयन समिति में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल थे, लेकिन नए कानून के जरिए उन्हें हटाकर एक केंद्रीय मंत्री को सदस्य बना दिया गया. उनके अनुसार, ऐसा इसलिए किया गया ताकि चुनाव आयोग में स्वतंत्र और निष्पक्ष फैसलों को रोका जा सके और आयोग में अपनी पसंद के अधिकारियों की नियुक्ति की जा सके.
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद पर चिंता और 6 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन का ऐलान
मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर मीडिया में आई मतभेद की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आंतरिक असहमति के बावजूद आयोग के फैसलों को जबरन सर्वसम्मति से लिया गया दिखाया जा रहा है. इन मुद्दों को लेकर उन्होंने घोषणा की कि विपक्षी INDIA गठबंधन 6 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) तक एक विशाल विरोध मार्च निकालेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका यह आंदोलन आने वाले दिनों में हर राज्य में और तेज होगा.