दिग्विजय सिंह छोड़ेंगे राज्यसभा सीट, SC प्रतिनिधित्व के लिए हटे पीछे
नई दिल्ली । डेस्क: दिग्गज कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा में तीसरे कार्यकाल के लिए दावेदारी पेश नहीं करेंगे. उनका वर्तमान छह वर्षीय कार्यकाल 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त होने जा रहा है.
दिग्विजय सिंह का यह फैसला मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति (SC) विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के उस अनुरोध के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दलित समुदाय के किसी प्रतिनिधि को मौका देने की अपील की थी.
प्रदीप अहिरवार ने 13 जनवरी, 2026 को पत्र लिखकर सिंह से आग्रह किया था कि सामाजिक संतुलन और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए इस बार राज्यसभा में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए.
अहिरवार ने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश की लगभग 17 प्रतिशत दलित आबादी की भावनाओं का सम्मान करने से समुदाय के राजनीतिक आत्मसम्मान को बल मिलेगा.
इस पत्र के संदर्भ में दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि हालांकि अंतिम निर्णय उनके हाथ में नहीं है, लेकिन वह स्पष्ट कर रहे हैं कि वे अपनी सीट खाली कर रहे हैं.
वर्ष 2014 से राज्यसभा सदस्य रहे दिग्विजय सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. वह 1993 से 2003 तक लगातार दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे.
2003 में सत्ता से बाहर होने के बाद उन्होंने 10 वर्षों तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया था, जिसके बाद 2013 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में वापसी की थी.
हाल के वर्षों में 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद अब उनके इस फैसले को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.