निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड या फिजिकल गोल्ड?
निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड या फिजिकल गोल्ड? कहाँ मिलेगा बेहतर रिटर्न, सुरक्षा
नई दिल्ली । डेस्क: इस धनतेरस और दिवाली पर सोने में निवेश की परंपरा एक बार फिर ज़ोर पकड़ने वाली है. पारंपरिक तौर पर लोग फिजिकल गोल्ड (गहने, सिक्के या बार) खरीदते हैं, लेकिन आधुनिक विकल्प के तौर पर डिजिटल गोल्ड ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ही विकल्प अलग-अलग तरह के निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं, लेकिन लंबी अवधि में डिजिटल गोल्ड कुछ मायनों में बेहतर साबित हो सकता है.
लंबी अवधि में, सोने की कीमत में वृद्धि के मामले में दोनों तरह का सोना एक ही दिशा में आगे बढ़ता है. हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल गोल्ड से बेहतर पोस्ट-टैक्स रिटर्न मिलने की संभावना है. इसकी मुख्य वजह है कम लागत. फिजिकल गोल्ड में मेकिंग चार्ज, 3% GST और सालाना लॉकर फीस जैसे खर्च शामिल होते हैं, जो आपके कुल रिटर्न को कम कर देते हैं.
इसके विपरीत, डिजिटल गोल्ड में सिर्फ 3% GST लगता है, और 5 साल बाद एक छोटा सा वार्षिक शुल्क (0.3% - 0.4%) लग सकता है, जो पारदर्शी होता है. ट्रेडजिनी (Tradejini) के सीओओ त्रिवेश डी. के अनुसार, "डिजिटल गोल्ड सस्ता लगता है क्योंकि आप ₹10 जितनी छोटी रकम से शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म शुल्क और GST को जोड़ने पर कुल लागत फिजिकल कॉइन के करीब आ जाती है. असली फायदा सुविधा में है."
सुरक्षा और लिक्विडिटी
लिक्विडिटी (तरलता) यानी ज़रूरत पड़ने पर सोने को तुरंत नकदी में बदलना. इस मामले में डिजिटल गोल्ड बेजोड़ है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की उपाध्यक्ष अक्शा कंबोज के अनुसार, इसे 24x7 पारदर्शी, मार्केट-लिंक्ड दरों पर खरीदा या बेचा जा सकता है. फिजिकल गोल्ड को बेचते समय शुद्धता जांच और मूल्यांकन कटौती जैसी जटिलताएं आती हैं.
सुरक्षा के मामले में भी डिजिटल गोल्ड को बेहतर माना जाता है. त्रिवेश डी. बताते हैं कि डिजिटल गोल्ड बीमित, बैंक-ग्रेड वॉल्ट्स में रखा जाता है, जिससे चोरी या क्षति की कोई चिंता नहीं होती. यदि डिजिटल गोल्ड प्रोवाइडर का बिज़नेस बंद हो जाता है, तब भी आपका सोना सुरक्षित रहता है, क्योंकि यह एक अभिरक्षक मॉडल (Custodian Model) पर काम करता है और आपके पास स्वामित्व का प्रमाण (Custody Receipt) होता है.
निवेश के लिए कौन है बेहतर?
अगर आप ₹10 से लेकर ₹10,000 जैसी छोटी राशि से व्यवस्थित तरीके से (SIP) सोना जमा करना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड सबसे बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह छोटी खरीद और त्वरित लिक्विडिटी प्रदान करता है.
बड़े निवेशक ₹2-3 लाख से अधिक के बड़े निवेश के लिए, फिजिकल गोल्ड (खासकर बार या कॉइन) समय के साथ अधिक लागत-प्रभावी हो सकता है, क्योंकि डिजिटल गोल्ड पर 5 साल बाद स्टोरेज फीस लग सकती है.
गंभीर निवेशकों के लिए, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) एक बेहतर विकल्प है क्योंकि वे SEBI द्वारा विनियमित होते हैं. इस धनतेरस, अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि के लिए धन संचय और सुविधा है, तो डिजिटल गोल्ड एक स्मार्ट और सुरक्षित निवेश विकल्प है.