धोनी ने जबरन रिटायरमेंट के लिए मजबूर किया- सहवाग
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर सनसनीखेज आरोप लगाया है. सहवाग का दावा है कि धोनी ने उन्हें वनडे क्रिकेट से रिटायर होने के लिए मजबूर किया था.
हालांकि, इस मुश्किल समय में सचिन तेंडुलकर ने उनका साथ दिया, जिसके कारण वह कुछ और साल क्रिकेट खेल पाए.
सहवाग ने एक साक्षात्कार में अपने वनडे करियर के अंत के बारे में खुलासा किया.
उन्होंने कहा, "2007-08 सीजन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले तीन मैचों में मैंने हिस्सा लिया. इसके बाद धोनी ने मुझे टीम से बाहर कर दिया. कई मैचों तक मुझे मौका नहीं दिया गया. एक समय ऐसा लगा कि मुझे शायद अब प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलेगी. उस स्थिति में मुझे वनडे क्रिकेट जारी रखने का कोई मतलब नजर नहीं आया."
सहवाग ने आगे बताया, "मैं सचिन तेंडुलकर के पास गया और उनसे कहा कि मैं वनडे क्रिकेट से रिटायर होने की सोच रहा हूं. सचिन ने मुझे सलाह दी, 'बिल्कुल नहीं. मैं भी 1999-2000 के दौरान ऐसे ही दौर से गुजरा था. उस समय मुझे भी लगता था कि क्रिकेट छोड़ दूं. बुरा वक्त आया था, लेकिन वह चला भी गया. तुम भी मुश्किल दौर से गुजर रहे हो. यह भी बीत जाएगा. भावनाओं में बहकर कोई फैसला मत लेना. खुद को समय दो. एक-दो सीरीज देख लो, फिर फैसला करना.' उनकी सलाह के बाद अगली सीरीज में मुझे फिर मौका मिला. मैंने ढेर सारे रन बनाए और विश्व कप खेलने का मौका मिला. मैं विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बना."
2008 में ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज में सहवाग फॉर्म में नहीं थे.
उन्होंने पांच मैचों में केवल 81 रन बनाए, जबकि गौतम गंभीर ने 10 मैचों में 440 रन और सचिन ने 399 रन बनाए.
इसके बाद सहवाग ने 2012 तक राष्ट्रीय टीम में वापसी की और धोनी के डिप्टी कप्तान भी बने. हालांकि, बाद में फिर से टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेला और 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया.