शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

रायपुर के डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस में होंगे बड़े फैसले

C

CG Khabar

28 नव. 2025, 11:55 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस
डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस

रायपुर | संवाददाता : नवा रायपुर स्थित IIM रायपुर कैंपस इन दिनों देश की सबसे हाई प्रोफाइल सुरक्षा बैठक का केंद्र बना हुआ है. यहां चल रहे DGP-IG कॉन्फ्रेंस में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन हो रहा है.


कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रॉ चीफ पराग जैन और आईबी चीफ तपन डेका मौजूद हैं. औपचारिक सत्र से पहले इन शीर्ष अधिकारियों ने देशभर से आए वरिष्ठ अफसरों के साथ क्लोज़्ड डोर बैठक की, जिसमें खुफिया इनपुट, उभरते सुरक्षा खतरे और समन्वय तंत्र मजबूत करने पर चर्चा हुई.


पहले दिन की बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई, जो रात 8 बजे तक लगातार चलनी है. इस मैराथन बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र को और प्रभावी बनाने, नक्सलवाद, आतंकवाद, साइबर क्राइम, ड्रग्स और संगठित अपराध पर कड़े एक्शन प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की जा रही है.


नक्सल प्रभावित इलाकों, सीमावर्ती राज्यों और संवेदनशील शहरी क्षेत्रों में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती, ऑपरेशन पैटर्न, रिस्पॉन्स टाइम और इंटेलिजेंस शेयरिंग की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि एक कॉमन और मजबूत रणनीति तैयार की जा सके.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात रायपुर पहुंचेंगे और कॉन्फ्रेंस के महत्वपूर्ण सत्र में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री को नए स्पीकर हाउस M-1 में ठहराया जाएगा, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह वित्त मंत्री आवास M-11 में रुके हुए हैं. पीएम के शामिल होने के बाद कई महत्वपूर्ण निर्देश और भविष्य की रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है.


देशभर से लगभग 600 अधिकारी और VIP इस सम्मेलन में मौजूद हैं. इस बार पहली बार SP रैंक के अधिकारियों को भी कॉन्फ्रेंस में शामिल किया गया है, ताकि ज़मीनी स्तर से मिलने वाले वास्तविक अनुभव और चुनौतियां सीधे नीति-निर्माण के स्तर तक पहुंच सकें.


कॉन्फ्रेंस के कारण रायपुर और नवा रायपुर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. माना एयरपोर्ट का अराइवल गेट तीन दिनों के लिए आम यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है. यात्रियों को गेट-2 का उपयोग करने कहा गया है.


नवा रायपुर क्षेत्र में मध्यम और भारी वाहनों की एंट्री बैन कर दी गई है, ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह की रुकावट न हो. यह रोक माना एयरपोर्ट से स्पीकर हाउस और IIM तक जाने वाले सभी रास्तों पर लागू है. ट्रैफिक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां रूट क्लियरेंस पर लगातार नज़र रखे हुए हैं.


कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य अपने-अपने यहां अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, नक्सल और आतंकी चुनौतियों पर किए गए प्रयासों का प्रेजेंटेशन दे रहे हैं. इन प्रेजेंटेशन के आधार पर एक मॉडल स्टेट चुनने की तैयारी है, जिसके अनुभवों के आधार पर पूरे देश के लिए कॉमन गाइडलाइन जारी की जा सकती है, ताकि पुलिसिंग और इन्वेस्टिगेशन में एकरूपता लाई जा सके.


पिछले साल 2024 में DGP-IG कॉन्फ्रेंस ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था, जिसमें पीएम मोदी ने हिस्सा लिया था. वहां टेक्नोलॉजी बेस्ड पोलिसिंग, ड्रोन, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया था. नवा रायपुर की कॉन्फ्रेंस में उन फैसलों को आगे बढ़ाते हुए और आधुनिक टेक्नोलॉजी को पुलिस सिस्टम में गहराई से शामिल करने पर चर्चा हो रही है.


छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जिसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. इससे नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते प्रशासनिक और सुरक्षा हब के रूप में पहचान मिल रही है.


स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लिए भी यह बड़ा मौका है, जहां उन्हें वीवीआईपी सिक्योरिटी, बड़े स्तर के आयोजन, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP