टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध को दिल्ली HC की मंजूरी
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया है. कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार का यह कदम अत्यधिक या गैर-वाजिब नहीं है.
जस्टिस तेजस कारिया की वेकेशन बेंच ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि सरकार के पास कानूनन टेलीग्राम को ब्लॉक करने का निर्देश देने का अधिकार है और यह आदेश हालात को देखते हुए सबसे कम प्रतिबंधात्मक उपाय था. हालांकि, इस मामले में कोर्ट का विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है.
इससे पहले टेलीग्राम के वकील ने अदालत में सरकार के इस कदम की वैधता पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने दलील दी थी कि केंद्र की इस कार्रवाई से देश के 15 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित हुए हैं.
गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया था. इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है और आगामी 21 जून को इस परीक्षा का दोबारा आयोजन (री-टेस्ट) होना तय हुआ है.
इसी पृष्ठभूमि में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने NTA की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत एक निर्देश जारी किया था. इसके तहत 16 जून से आगामी 22 जून तक भारत में टेलीग्राम ऐप के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है, ताकि 21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके तुरंत बाद की स्थिति को सुरक्षित रखा जा सके.
इसके अलावा, सरकार ने टेलीग्राम को एक और निर्देश दिया है जिसके तहत 30 जून 2026 तक भारत में पहले से पोस्ट किए जा चुके संदेशों को एडिट (संशोधित) करने के फीचर को बंद रखना होगा. सरकार का मानना है कि इस खास फीचर का दुरुपयोग राष्ट्रीय परीक्षाओं के संबंध में बाद में मनगढ़ंत "पेपर लीक" के फर्जी सबूत तैयार करने के लिए किया जा रहा था.