दिल्ली का वायु प्रदूषण दुनिया में सबसे खराब- स्विस एयर क्वालिटी कंपनी
नई दिल्ली । डेस्क: दिवाली की रात को शहरभर में लोगों द्वारा प्रतिबंध का खुला उल्लंघन करते हुए फटाके फोड़ने के बाद मंगलवार सुबह दिल्ली का वायु प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की निर्धारित सीमा से लगभग 15 गुना अधिक पहुंच गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 6 बजे दिल्ली में पीएम2.5 का स्तर 228 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो WHO के 24 घंटे के लिए निर्धारित 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सीमा से 15.1 गुना अधिक है.
उधर, स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी आईक्यूएअर के लाइव डेटा के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली दुनिया के 120 से अधिक प्रमुख शहरों में 'सबसे प्रदूषित' शहर साबित हुई. यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 429 तक पहुंच गया, जो लिस्ट में सबसे खराब था. इसके बाद लाहौर (260) और कराची (182) का स्थान रहा.
दिवाली की रात 20 अक्टूबर 2025 को 8 बजे से 10 बजे तक केवल 'ग्रीन' पटाखों की अनुमति थी, लेकिन लोगों ने पूरे शहर में इस समय सीमा से पहले और बाद में जमकर पटाखे फोड़े. बाजारों में ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य प्रकार के पटाखे भी आसानी से उपलब्ध थे.
नतीजतन, मंगलवार सुबह दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रही, जबकि 36 निगरानी स्टेशनों में से चार बावना, बुराड़ी, जहांगीरपुरी और वजीरपुर में 'गंभीर' स्तर का प्रदूषण दर्ज किया गया.
सीपीसीबी के अनुसार, 'गंभीर' स्तर का प्रदूषण स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और पहले से बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर गंभीर असर डालता है.
मंगलवार सुबह 9 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 356 था. सीपीसीबी के मानकों के तहत, AQI 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' श्रेणी में आता है.