छत्तीसगढ़ में जवानों के अदम्य साहस से नक्सलवाद पर मिली निर्णायक सफलता: मुख्यमंत्री
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया और कहा कि जवानों के पराक्रम से बस्तर में भय का माहौल खत्म होकर विकास की नई रोशनी पहुंच रही है.
रायपुर । संवाददाता: पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्रांगण में आयोजित भव्य परेड को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबोधित किया. उन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक सफलता हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का ही प्रतिफल है. दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और राज्य के दूरस्थ अंचलों में आज सुरक्षा और विश्वास का एक नया वातावरण निर्मित हुआ है.
लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स की शौर्यगाथा और दिवस का महत्व
मुख्यमंत्री साय ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक संदर्भ को रेखांकित करते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के बड़े दस्ते का वीरतापूर्वक सामना किया था. इस दौरान 10 वीर जवानों ने अपनी शहादत दी थी, जिनकी याद में हर साल यह दिवस मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि यह दिन केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि जवानों के आदर्शों, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रतीक है. राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है.
बस्तर में भय के स्थान पर पहुंच रही विकास की रोशनी
नक्सल उन्मूलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प साकार रूप ले रहा है. छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय बलों के आपसी समन्वय से बस्तर में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं. जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली भय का साया हुआ करता था, वहां अब 'नियद नेल्लानार', 'पीएम जनमन' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' जैसी योजनाओं के जरिए सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं.
सुरक्षा बलों का आधुनिकता और कल्याण सरकार की प्राथमिकता
समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीदों के त्याग को स्मरणीय बताते हुए कहा कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की अवधि में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के कई वीर जवानों ने शहादत दी है. वहीं पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जानकारी दी कि इसी अवधि के दौरान चलाए गए अभियानों में सुरक्षा बलों ने 84 नक्सलियों को ढेर किया और 6 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया. मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आधुनिक तकनीक के प्रयोग और जवानों तथा उनके परिवारों के सर्वांगीण कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. परेड के पश्चात मुख्यमंत्री ने राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवान स्तंभ पर भी पुष्प अर्पित किए.