दंतेवाड़ा: बचेली में NMDC के गेट निर्माण पर विवाद, MLA चैतराम अटामी ने अधिकारियों को दी चेतावनी
बचेली में NMDC के गेट निर्माण पर भड़के दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा- 'बिना सहमति निर्माण बर्दाश्त नहीं'.
दंतेवाड़ा । संवाददाता: दंतेवाड़ा जिले के बचेली क्षेत्र में NMDC द्वारा विभिन्न रास्तों पर गेट लगाए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस निर्माण कार्य पर स्थानीय निवासियों और नगर पालिका ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. बिना आवश्यक NOC और तय प्रक्रिया पूरी किए निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए नगर पालिका और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रबंधन ने इस विषय पर उनसे कोई बातचीत या सहमति नहीं ली. इस वजह से पिछले कुछ समय से NMDC प्रबंधन, नगर पालिका और आम जनता के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी.
मामले की सूचना मिलने पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के समर्थन में आए. अधिकारियों पर बरसते हुए विधायक ने कहा कि बिना जनप्रतिनिधियों व आम जनता को विश्वास में लिए यह निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या फोर्स का प्रयोग अधिकारियों के गलत फैसलों को लागू कराने के लिए किया जा रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज ही गेट नहीं हटाया गया, तो पूरी जनता इसके विरोध में सड़क पर उतरेगी. विधायक की इस तीखी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
विधायक ने आवाजाही की समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि गेट लगने से बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को अस्पताल व अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में भारी परेशानी होगी. अधिकारियों की मर्जी से कभी भी रास्ता बंद करने के औचित्य पर उन्होंने सवाल उठाया.
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सुरक्षा की चिंता है तो हर चौक पर CCTV कैमरे लगवाए जाएं और गार्ड तैनात किए जाएं, न कि स्थानीय लोगों को शक की नजर से देखा जाए. बाजार में सब्जी खरीदने आने वाले ग्रामीणों से पहचान पत्र मांगने को उन्होंने अनुचित बताया.
विवाद को सुलझाने के लिए विधायक अटामी ने एक बैठक बुलाने और सभी पक्षों की सहमति व जनहित के पहलुओं पर चर्चा के बाद ही कार्य आगे बढ़ाने की बात कही.
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि नियम और कानून सबके लिए बराबर हैं तथा बिना सहमति, एनओसी व बैठक के निर्माण करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी इजाजत के बिना क्षेत्र में काम नहीं होगा और अधिकारी चाहें तो इस मामले में कहीं भी बात कर सकते हैं.