क्यूबा: कम्युनिस्ट सरकार ने निजीकरण को मंजूरी दी
नई दिल्ली । डेस्क: क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी ने देश को गहरे आर्थिक संकट से उबारने के लिए एक बेहद कड़े और अभूतपूर्व आपातकालीन आर्थिक पैकेज को मंजूरी दे दी है. इस योजना को देश की नेशनल असेंबली (संसद) के समक्ष पेश किया गया है, जहां इसके सर्वसम्मति से पारित होने की पूरी संभावना है. कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित इस द्वीप देश के लिए इन सुधारों को एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
इस नए आर्थिक पैकेज के तहत क्यूबा में निजी उद्यमों के लिए अवसरों का बड़ा विस्तार किया जाएगा. इसके साथ ही विदेशों में रहने वाले क्यूबा के नागरिकों सहित अन्य वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं.
इस योजना से देश में निजी रियल एस्टेट विकास का रास्ता साफ हो सकता है और सरकारी कंपनियों को शेयर तथा इक्विटी हिस्सेदारी वाले निजी वाणिज्यिक उद्यमों में बदला जा सकता है.
सबसे बड़ा बदलाव देश के वित्तीय क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जहां अब तक पूरी तरह सरकार का दबदबा था, लेकिन अब वहां निजी बैंकों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी.
पार्टी की केंद्रीय समिति को संबोधित करते हुए क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल ने स्पष्ट किया कि देश के मौजूदा बदतर हालात के लिए केवल बाहरी ताकतों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
लंबे समय से अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों और हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा ईंधन आपूर्ति रोकने जैसे कदमों ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था को कमजोर जरूर किया है, लेकिन राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि इस संकट के पीछे कुछ आंतरिक कारण भी हैं.
उन्होंने सरकारी कामकाज में सुस्ती, लालफीताशाही और उत्पादन में बाधा डालने वाले नियमों की आलोचना करते हुए कहा कि अब सख्त और जरूरी बदलावों को और टाला नहीं जा सकता. डियाज-कानेल ने संकेत दिए कि पार्टी के भीतर कुछ कट्टरपंथियों द्वारा इन सुधारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि भले ही इन फैसलों पर पूरी सहमति न हो, पर इन्हें और आगे के लिए टाला नहीं जा सकता.
पूर्व नेता राउल कास्त्रो ने भी इस योजना का समर्थन किया है.
इस बीच, यूरोपीय संघ ने भी क्यूबा सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है और राष्ट्रपति डियाज-कानेल सहित सैन्य संचालित व्यापारिक समूह के नेतृत्व पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है.
दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ने इन सुधारों पर सीधे कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बयान में कहा कि वाशिंगटन क्यूबा के लोगों की खुशहाली चाहता है और इस संबंध में क्यूबा सरकार से बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि यदि क्यूबा समझदारी भरे फैसले लेता है, तो दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है.