TMC में गहराया संकट: सुष्मिता देव ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी संकट और गहरा गया है. पार्टी की प्रमुख राष्ट्रीय चेहरा और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. सुखेंदु शेखर राय के बाद वह एक हफ्ते के भीतर इस्तीफा देने वाली टीएमसी की दूसरी बड़ी संसदीय नेता बन गई हैं.
इस बैक-टू-बैक इस्तीफे ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले संगठन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
सुष्मिता देव ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को भेजे अपने संक्षिप्त पत्र में तुरंत प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है. इस्तीफे के पीछे उन्होंने व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों का हवाला दिया है.
सोशल मीडिया पर सामने आए अपने बयान में उन्होंने कहा, "इस फैसले के पीछे एक लंबी कहानी है और राजनीति में सब कुछ उजागर करना जरूरी नहीं होता. हालांकि, मुझे लगता है कि मैं अब दो नावों पर सवारी नहीं करना चाहती."
असम के सिलचर से कांग्रेस की पूर्व सांसद रहीं सुष्मिता देव साल 2021 में टीएमसी में शामिल हुई थीं. उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में गिना जाता था.
पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष
सुष्मिता देव का यह कदम टीएमसी के दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर राय के इस्तीफे के ठीक बाद आया है. राय ने भ्रष्टाचार, खराब शासन और आरजी कर अस्पताल मामले से निपटने के तरीकों पर चिंता जताते हुए पार्टी और राज्यसभा दोनों से दूरी बना ली थी.
टीएमसी के लिए यह संकट केवल संसद तक सीमित नहीं है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी पार्टी को एक अभूतपूर्व विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है, जहां पार्टी के लगभग 61 विधायकों ने आधिकारिक उम्मीदवार को खारिज करते हुए बागी नेता रीताब्रत बनर्जी का समर्थन किया है.
विधानसभा चुनाव में हार के बाद सांगठनिक और चुनावी मोर्चे पर संघर्ष कर रही टीएमसी लीडरशिप के लिए इन बड़े चेहरों का जाना एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.