त्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने से कोर्ट का इंकार
भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश में एक रिटायर्ड जज की बहू त्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. मृतका के परिजनों ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए दिल्ली एम्स (AIIMS) में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है और फिलहाल शव को स्वीकार करने से मना कर दिया है.
इधर, स्थानीय अदालत ने परिजनों की दोबारा पोस्टमार्टम की याचिका को तो खारिज कर दिया, लेकिन पुलिस को शव को सुरक्षित (कम तापमान पर) रखने के लिए उचित व्यवस्था तलाशने के निर्देश दिए हैं.
परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई, जो जांच में बड़ी लापरवाही को दर्शाती है. इसके अलावा, पहले पोस्टमार्टम के दौरान जांचकर्ताओं ने डॉक्टरों को वह बेल्ट (लिगेचर) भी उपलब्ध नहीं कराई, जिससे फांसी लगाने की बात कही जा रही है.
मृतका के वकील अंकुर पांडेय के अनुसार, परिजनों को अंदेशा है कि ससुराल पक्ष के रसूख के कारण स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए वे राज्य से बाहर दोबारा पोस्टमार्टम कराना चाहते हैं.
दूसरी तरफ, पुलिस ने परिजनों को पत्र लिखकर जल्द से जल्द शव की कस्टडी लेने का आग्रह किया है. पुलिस का कहना है कि शव पिछले कई दिनों से भोपाल एम्स के मुर्दाघर में माइनस चार डिग्री सेल्सियस पर रखा हुआ है.
लंबे समय तक शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की सुविधा चाहिए, जो वहां उपलब्ध नहीं है. ऐसे में शव के खराब होने की आशंका बनी हुई है. फिलहाल, इस पूरे मामले और दहेज प्रताड़ना के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.