देश में कोरोना के मामले बढ़कर 3758 हुए, 28 मौतें
छत्तीसगढ़ भारत में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं.
रायपुर | संवाददाताः भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का ध्यान खींचा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में सक्रिय कोविड 19 के मामलों की संख्या बढ़कर 3,758 हो गई है. छत्तीसगढ़ में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या 6 पहुंच गई है.
वहीं देश की बात करें तो पिछले 24 घंटों में कोरना के 363 नये सक्रिय मामले सामने आये हैं.
नए वेरिएंट्स और मौसमी बदलाव इस उछाल के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. कोरोना से मरने वालों की संख्या 28 हो गई है.
बीते 24 घंटे में 6 लोगों की मौत हुई है. शनिवार को बेंगलुरु में 63 साल के व्यक्ति की मौत हो गई . उसे दोनों वैक्सीन के साथ बूस्टर डोज भी लगी थी.
वहीं दिल्ली में 60 साल के बुजुर्ग की मौत हुई है. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7 लोगों ने जान गंवाई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई के अंतिम सप्ताह में भारत में 753 नए मामले दर्ज किए गए. इस दौरान 12 मौतें हुईं, जिनमें से अधिकांश महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में दर्ज की गईं.
केरल में सबसे ज्यादा केस केरल में हैं, जहां फिलहाल 1,400 एक्टिव केस हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 485 और दिल्ली में 436 एक्टिव केस हैं.
नए वेरिएंट्स का खतरा
वैज्ञानिकों ने JN.1 वेरिएंट को इस वृद्धि का मुख्य कारण बताया है, जो देश के 53% मामलों के लिए जिम्मेदार है. इसके अलावा, NB.1.8.1 और LF.7 जैसे नए सब-वेरिएंट्स भी सामने आए हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने NB.1.8.1 को "वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग" की श्रेणी में रखा है.
इन वेरिएंट्स में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन (A435S, V445H, T478I) देखे गए हैं, जो वैक्सीन-प्रेरित इम्युनिटी को आंशिक रूप से बायपास कर सकते हैं.
मौसम बदलाव से संक्रमण को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआत और तापमान में कमी जैसे मौसमी बदलाव वायरल संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं.
इसके अलावा, समय के साथ वैक्सीन की प्रभावशीलता में कमी और सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल में लचरता भी जिम्मेदार हैं.
शहरी क्षेत्रों, खासकर मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में, भीड़-भाड़ और मास्क के कम उपयोग ने स्थिति को और जटिल किया है.
निगरानी बढ़ाने व टेस्टिंग तेज करने के निर्देश
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निगरानी बढ़ाने और टेस्टिंग तेज करने के निर्देश दिए हैं. कर्नाटक सरकार ने शनिवार को पब्लिक एडवाइजरी जारी की.
इसमें लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, शारीरिक दूरी बनाए रखने और स्वच्छता का खास ध्यान रखने की अपील की गई है.
बुखार, खांसी, सीने में दर्द या सांस लेने दिक्कत होने पर तुरंत जांच करने को कहा है. विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट की सलाह दी गई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों को ICU बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और PPE किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है.
मास्क लगाने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ जनता से घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं. दिल्ली के GTB अस्पताल के डॉ. अजीत कुमार कहते हैं, "अधिकांश मामले हल्के हैं और मरीज घर पर ठीक हो रहे हैं.
बूस्टर डोज और मास्क इस समय सबसे प्रभावी हथियार हैं.
डब्ल्यूएचओ और भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों का मानना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन सामूहिक सतर्कता जरूरी है.