ओडिशा में बंगाली मजदूर की हत्या पर बवाल, कारण बीड़ी या बंग्लादेशी ?
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा के संबलपुर में मुर्शिदाबाद के एक प्रवासी श्रमिक की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना को लेकर चश्मदीदों और पुलिस के दावों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है. घटना में बाल-बाल बचे चश्मदीद श्रमिक मजार खान ने दावा किया है कि हमलावरों ने मारपीट शुरू करने से पहले उनसे आधार कार्ड दिखाने को कहा था.
मजार के अनुसार, "हमलावरों ने पहले हमसे बीड़ी मांगी और फिर आधार कार्ड दिखाने को कहा. इसके बाद उन्होंने ज्वेल शेख के सिर पर भारी वस्तु से हमला कर दिया." एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी निजामुद्दीन खान ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार 'बांग्लादेशी' कहकर संबोधित किया जा रहा था, क्योंकि वे आपस में बांग्ला भाषा में बात कर रहे थे.
दूसरी ओर, ओडिशा पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. आईजीपी हिमांशु कुमार लाल का कहना है कि इस हत्या का बांग्ला भाषा या 'बांग्लादेशी' पहचान से कोई लेना-देना नहीं है.
पुलिस के मुताबिक, यह विवाद महज बीड़ी को लेकर शुरू हुई आपसी कहासुनी का नतीजा था. पुलिस ने यह भी बताया कि ये श्रमिक लंबे समय से वहां काम कर रहे थे और हमलावर उन्हें पहले से जानते थे. इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के लिए भाजपा के 'बंगाल विरोधी प्रचार' को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पुलिस जांच के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी.