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हसदेव अरण्य में खनन के खिलाफ कांग्रेस की सभा

हसदेव अरण्य में खनन के खिलाफ कांग्रेस का विरोध सभा

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21 जन. 2026, 12:17 AM 3 मिनट में पढ़ें 4

डॉ. विक्रांत भूरिया
डॉ. विक्रांत भूरिया

अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आदिवासी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने मंगलवार को खनन से सबसे ज्यादा प्रभावित हरिहरपुर गांव का दौरा किया और वहां आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोल ब्लॉक्स की मंजूरी पूरी तरह अवैध तरीके से दी गई है और बिना देरी के जंगलों में पेड़ काटे जा रहे हैं.


डॉ. भूरिया ने सभा में जोर देकर कहा कि पेसा कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जबकि आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद प्रदेश में आदिवासियों के साथ अन्याय चरम पर है. 

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उन्होंने चेतावनी दी कि स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति को पूरी तरह नजरअंदाज कर खनन कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जो संविधान प्रदत्त अधिकारों का सीधा उल्लंघन है. कांग्रेस नेता ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को विधानसभा के साथ-साथ संसद में भी पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा, ताकि पूरे देश को हसदेव की असलियत पता चल सके.


जनसभा में बलरामपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों से आए ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाई. उन्होंने बताया कि खदानों के फैलाव से उनकी आजीविका पर गहरा संकट छा गया है पानी के स्रोत सूख रहे हैं, जंगल गायब हो रहे हैं, स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं और पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. 


ग्रामीणों का कहना था कि बिना उनकी ग्राम सभाओं की मंजूरी के परियोजनाएं थोपी जा रही हैं, जिससे विश्वास का गहरा संकट पैदा हो गया है.


डॉ. भूरिया ने स्पष्ट किया कि केते एक्सटेंशन समेत कई कोल प्रोजेक्ट्स के लिए ग्राम सभाओं से कानूनी सहमति तक नहीं ली गई. उन्होंने चिंता जताई कि ऐसे संवेदनशील वन क्षेत्र में खनन का विस्तार जैव विविधता को तबाह कर देगा और स्थानीय समुदायों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा. 


इस बीच, सभा में पहुंचे अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह को खदान समर्थक कुछ ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई. समर्थकों का तर्क था कि उन्होंने स्वेच्छा से जमीन दी है और खदानों से रोजगार मिल रहा है. पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली और भानू प्रताप को आगे जाने दिया.


सभा समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने हसदेव को बचाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. कार्यक्रम में सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह के अलावा हसदेव बचाओ आंदोलन से जुड़े रामलाल, मुनेश्वर, सुनीता, विद्या सागर आयम, त्रिभुवन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे.  

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP